दिव्यांगों को ठिठुर कर भूखे पेट गुजारनी पड़ी रात
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मछलीशहर। एक तरफ देश व् प्रदेश की सरकार दिव्यांगों के सुखमय जीवन के लिए जहा लगातार तमाम प्रयास कर रही है वही दूसरी तरफ सरकार के अधीन तमाम अधिकारी व् कर्मचारी दिव्यांगों का खुला मजाक उड़ाते है।ऐसा ही ऐसा उदाहरण ग्रुरुबार की रात स्थानीय विकास खंड पर देखने को मिला जहा पर रात में रोके गए तमाम महिलाए एंव पुरुष दिव्यांगों को रात में भूखे पेट व् खुले आसमान के निचे ठिठुर कर बितानी पड़ी।बताते चले कि गुरूवार को केंद्र सरकार द्वारा जिला मुख्यालय पर दिव्यांगों को उपकरण वितरित करने के लिए शिविर लगाया गया था।शिविर में जिन पात्रो को उपकरण नही मिल पाया उनके लिए उनका उपकरण ब्लॉक पर भेज दिया गया था।जहा पर उपकरण को लेकर दिव्याग ख़ुशी ख़ुशी अपने घर जा सके।दिव्याग को उपकरण वितरित करने के लिए रात भर ब्लॉक पर रोक लिया गया लेकिन उनके खाने व् विस्तर की व्यवस्था कर्मचारियों द्वारा नही किया गया।जिसके चलते रात में सभी दिव्यांग भूखे पेट रहने के साथ साथ विस्तर न होने से खुले आसमान के निचे जीवन व्यतीत किये।इस बाबत जब क्षेत्र के जगदीशपुर गाव निवासी रामरत्ती देवी कमासिन गाव निवासी रामकुमार जगदीशपुर गाव निवासी दुथ नाथ सहित तमाम दिव्यांगों ने पूरी कहानी बताते हुए भावुक हो गए।इस बाबत जब खण्ड विकास अधिकारी मीनाक्षी वर्मा से सम्पर्क करने की कोशिश किया गया तो उनका सरकारी नम्बर बन्द बताने लगा और ब्लॉक के अन्य कर्मचारी कुछ भी बोलने से बचते रहे।
