किसान क्रेडिट कार्ड से कालाधन सफेद
https://www.shirazehind.com/2016/12/blog-post_137.html
जौनपुर। किसानो के खाते का इस्तेमाल कालाधन सफेद करने में किया जा रहा है। बैंक कर्मियों व दलालों की मिलीभगत से यह काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। विभिन्न बैंको मे किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट स्टेटमेंट लेकर देखें तो यह बात साफ हो जाती है ओवरड्यू हो रहे क्रेडिट कार्ड अकाउंट में पैसा जमा करने के कुछ घंटे बाद ही निकाल लिया जाता है व रियल स्टेट कारोबारी व उद्यमी के द्वारा किसान से लिया गया उधार दिखाकर उसधन का इस्तेमाल किया जाता है। जब से सरकार ने कालेधन पर शिकंजा कसना शुरू किया तो रियलस्टेट कारोबारी एवं उद्यमियों की चिंता बढ़ गई। लेकिन बैंककर्मियों एवं दलालों ने नायाब तरीका खोज निकाला कालेधन को सफेद करने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त लेकर कालाधन सफेद करने में जुट गए कालाधन सफेद करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड खातों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। बताया जाता है कि बैंककर्मियों एवं दलालों के द्वारा कर्ज ले चुके किसान क्रेडिट कार्ड खाताधारक कर्ज़दार किसानों से संपर्क किया जाता है और उनपर पैसा जमा करने का दबाव बनाया जाता है जब किसान पैसा जमा करने में असमर्थता जताता है तो उसे अपनी पासबुक लेकर बैंक आने को कहा जाता है और खाता अपडेट करना जरुरी बताकर जमा पर्ची निकासी पर्ची तथा अन्य कागजात पर हस्ताक्षर करा लिया जाता है। फिर उसके खाते में कालाधन जमाकर दिया जाता है तथा कुछ मिनट बाद ही उसके खाते से कर्ज निकाल लिया जाता है। खाते में जितना धन डाला जाता है उतना ही धन निकाल लिया जाता है। बेचारा किसान समझ नही पाता कि बैंक उसपर मेहरबान क्यों है? किसान को बताया जाता है कि खाता अपडेट करने के लिए उसके खाते से निकाला गया कर्ज जमा करना आवश्यक है। वे किसान को बता देते हैं कि दूसरे का पैसा उसके खाते में जमा कर दे रहे हैं और पैसा निकालकर जिसका पैसा है उसे दे रहे हैं।

