यह अन्नदाताओ का सम्मान है या अपमान !
https://www.shirazehind.com/2016/12/blog-post_241.html
जौनपुर। मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव
की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में दो दिवसीय संगोष्ठी, कार्यशाला,
किसान मेला का आयोजन उद्यान विभाग द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन
दीप प्रज्ज्वलित कर अतिथियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सात प्रगतिशील किसान
रामअवध मौर्य- टमाटर, धर्मपाल मौर्य-पातगोभी, गोकुल प्रसाद-मिर्च, राममनोहर
सिंह-लौकी, श्याम बिहारी पटेल-प्याज, पन्नालाल-धनियॉ, राजदेव उपाध्याय
को-आलू का उत्पादन करने के लिए मुख्य अतिथि द्वारा अंगवस्त्रम देकर
सम्मानित किया गया। यहाँ तक तो कार्यक्रम सही चला उसके बाद फोटो ग्रुपिंग के समय जो अधिकारियो ने किया उससे हमारे अन्नदाताओ का सम्मान नही बल्कि अपमान हुआ। इस समय अधिकारी मंचासीन हो गए और सम्मानित होने वाले किसानों को मंच के पीछे खड़ा कर दिया गया। सभा में मौजूद किसानों ने यह दृश्य देखकर कहा कि यह सम्मान दिया गया या अपमान किया गया है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अन्तर्गत
वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 2 लाख रू0 की कार्य योजना में जिला
स्तरीय दो दिवसीय संगोष्ठी/कार्यशाला/किसान मेला का आयोजन किया गया है।
शासन की मंशानुरूप कार्यक्रम में बागवानी क्षेत्र में रूचिकर एवं औद्यानिकी
क्षेत्र में प्रगतिशील योजनार्न्तगत विभिन्न कार्यक्रमों में लाभान्वित
लगभग 500 कृषकों को प्रतिभाग कराया जा रहा है। प्रगतिशील कृषकों को विकसित
नवीन तकनीकी जानकारियां एवं विभिन्न प्रजातियों के बारे में कृषि
वैज्ञानिकों ने बहुमूल्य सुझाव दिये। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र बक्सा के मुख्य
वैज्ञानिक डा0 सुरेश कुमार कन्नौजिया ने जैविक खेती, कम्पोस्ट खाद, एक
हेक्टेयर खेत के मेड़ों पर एक हजार इकोलिप्टस लगाकर लगभग तीन वर्ष में दस
लाख रू0 किसान भाई कमा सकते है। किसानों द्वारा अन्धाधुन्ध लगातार रासायनिक
खादों का प्रयोग करने से खेत की उर्वरा शक्ति कम होती जा रही है। किसान
भाई देशी खाद (गोबर की खाद) का प्रयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन कर लाभ
उठाये। डा0 संदीप कुमार वैज्ञानिक ने पादप सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आज के समय में सब्जियों में किसानों द्वारा रासायनिक
दवाओं का अन्धाधुन्ध प्रयोग किया जा रहा है जिसका मानव के स्वास्थ्य पर
बुरा प्र्रभाव पड़ रहा है। रासायनिक दवाओं को कम करने के लिए एकीकृत नाशीजीव
प्रबंधन के अन्तर्गत अन्य आयायों पर विस्तृत चर्चा किया।
उपनिदेशक कृषि अशोक उपाध्याय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के
बारे में बताया कि अधिक से अधिक किसान भाई 31 दिसम्बर तक इसका लाभ उठा सकते
है इसके लिए जिला कृषि कार्यालय अथवा विकास खण्ड कार्यालय से सम्पर्क किया
जा सकता है। इस अवसर पर डा0 रजनीश एचओडी टीडी कालेज, डा. ए.के.सिंह उद्यान
वैज्ञानिक, डा. शिव अचल पटेल पूर्व सहायक निदेशक एन.एच.आर.डी.एफ. ने
बहुमूल्य विचार व्यक्त किये।
मुख्य विकास अधिकारी शीतला
प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि 30 वर्ष पूर्व किसानों द्वारा उर्वरक का
प्रयोग नही किया जाता था तथा किसान भाई अधिक उत्पादन नही कर पाते थे। कृषि
वैज्ञानिकों ने रासायनिक खाद का प्रयोग करने की सलाह दिया जिससे अधिक
उत्पादन हो सके। अधिक रासायनिक खाद के उपयोग से खेतों की मिट्टी खराब हो गई
है। किसान भाई अपने खेतों की मिट्टी की जॉच कराकर ही जैविक खाद का प्रयोग
कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते है कार्यक्रम का संचालन उद्यान वैज्ञानिक
अश्वनी कुमार सिंह ने किया।

