पति को सात वर्ष का कारावास
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जौनपुर । जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में पति विवेक सिंह को दोषी करार देते हुये मंगलवार की ऐडीजे चतुर्थ एमपी सिंह ने खुले न्यायालय में सात वर्ष सश्रम कारावास व् 12 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है जबकि आरोपी ससुर जय प्रकाश सिंह सास गीता देवर विकाश ननद पूनम व प्रिया को सन्देह का लाभ देते हुये दोषमुक्त हो गए। दहेज में स्कार्पियो गाडी की गई थी मांग । अभियोजन कथानक के अनुसार गौरा बादशाह पुर थाना क्षेत्र के भदौरा गांव निवासी जय प्रसाद सिंह ने सरायख्वाजा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अपनी पुत्री लक्ष्मी देवी की शादी 29 नवम्बर 2011 को ग्राम सरायख्वाजा के विवेक सिंह पुत्र जयप्रकाश सिंह के साथ हुई थी । शादी में हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था लड़की विदा होकर ससुराल गई तो पति विवेक सिंह ससुर जयप्रकाश सिंह सास गीता देवर विकास सिंह ननद पूनम व प्रिया सिंह दहेज में स्कार्पियो गाड़ी की मांग को लेकर पुत्री को प्रताड़ित करने लगे ।उक्त मांग पूरी न होने पर 17 मई 2012 को शाम 6 बजे फोन द्वारा सुचना मिली कि पुत्री लक्ष्मी देवी की हत्या उसके ससुराली जन करके लाश को छिपाने जा रहे है। मैं अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुँचा तो देखा कि लड़की की लाश दरवाजे पर पड़ी है और सभी ससुराली जन फरार हो गए । पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया । अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रकाश मिश्र व् ज्ञानेन्द्र सिंह ने पैरवी किया। न्यायधीश ने दोनों पक्षो की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त को सजा सुनाया।
