इण्टर कालेजों में कम्प्युटर की पढ़ाई ठप
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जौनपुर। जनपद में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर की पढ़ाई ठप है। एक वर्ष से प्रत्येक कालेज में 10 सेट कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं । विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा से दूर हैं। इनको पढ़ाने के लिए नियुक्त अध्यापक दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। संघर्ष जारी है पर शासन की नीतियों से लगता है कि इन कालेजों में अब कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाएगी। माध्यमिक कालेजों में तकनीकी शिक्षा की जानकारी विद्यार्थियों को देने के लिए वर्ष 2009 में आइ.सी.टी. योजना शुरू हुई। इसमें केंद्र व राज्य सरकार ने योगदान दिया। इसकी जिम्मेदारी ऐमरान कंपनी को दी गई। प्रत्येक विद्यालय में 10 सेट कंप्यूटर सेट देने में नौ लाख रुपये खर्च हुए। प्रदेश के सहायता प्राप्त इंटर कालेजों में तकनीकी शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। पांच वर्ष तक कालेजों में पढ़ाई चली। एक वर्ष पहले जिले के दर्जनों कालेजों में कंप्यूटर की पढ़ाई बंद कर दी गई। वर्तमान समय में कालेजों में प्रवेश से लेकर छात्रवृत्ति तक हर कार्य आन लाइन हो गया। हर कालेज का डाटा नेट पर है। प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री भी तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश में लैपटाप का वितरण भी हुआ। परिषदीय विद्यालयों में भी कंप्यूटर अनुदेशकों की नियुक्ति हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सब कुछ आनलाइन होता जा रहा है तो सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से वंचित क्यों किया जा रहा है।

