पीयर एजुकेटर उत्सव कार्यक्रम सम्पन्न
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जौनपुर। नगर के एक होटल में आज लगभग एक हजार किशोरियों ने
बेबाक रूप से जिले के विभिन्न अधिकारियों से किशोरियों के अधिकार के बारे
में बातचीत की और गरिमॉ परियोजना के प्रथम चरण के सफल समापन का हर्ष मनाया।
मुख्य अथिति कमलेश दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव
ने यूनिसेफ सहयातित गरिमा परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि माहवारी
जैसे मुदे पर इस प्रकार खुलकर बात करना बहुत ही प्रेरणादयी है, ये लड़कियों
के शसक्तीकरण एवं उनके आत्म विश्वास का घोतक है इस मौके पर अपार किशोरियों
को आत्मरक्षा एवं महिला हिंषा के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए एसपी सिटी
कमलेश दीक्षित ने प्रेरित किया। बहुत ही रोचक एवं अनौपचारिक तरीके से
प्रतिभागियों से बातचीत करते हुए उन्होंने ने कहा कि महिला हिंशा के
विरूद्ध घर-घर से आवाज उठनी चाहिए इसमें महिलाओं एवं किशोरियों की अग्रणी
भूमिका है। मौके पर 41 किशोरियों को 1090 के अन्तर्गत पावर एंजिल के रूप
में नियुक्ति दी गयी ताकि वह विशेष पुलिस ऑफिसर के रूप में समूहों में
जानकारी फैला सके। इस अवसर पर यूनिसेफ की प्रतिनिधि श्रीमती सुखपाल कौर
मारवा ने परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि लगभग तीन साल पहले जौनपुर
के 290 गांव में माहवारी के चुप्पी तोड़ने के उद्देश्य से गरिमा परियोजना
शुरू की गयी थी। आज तीन साल बाद परियोजना ने उससे कही अधिक परिणाम दिया है
जिसमें बाल विवाह विेशेष, महिला छेड़छाड़ आवाज उठाने और लड़का लड़की के लिए
समान अधिकार शामिल है। इस परियोजना के संचालन में सहयोगी संस्थाएं जनक
समिति एवं वात्सल्य की लगभग 40 कार्यकर्ताओं का अथक प्रयाश शामिल है।
कार्यक्रम
में आई किशोरियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया और अपनी गायन एवं
नृत्य कला का प्रर्दशन किया सभी किशोरियों की भावनाओं को प्रगट करते हुए 12
वर्षीय संगीता ने कहा आज की लड़किया सूरज की तरह प्रकाश मान है ताकि कोई भी
उन्हें ऑख उठाकर न देखे बल्कि सम्मान पूर्वक देखे।
मंच
का सफल संचालन सुश्री शिल्पी सेठ द्वारा किया गया इस अवसर पर डीपीओ पवन
यादव, सीमा यादव, सगरी आलोक कुमार चौबे, डा0 किरण त्रिपाठी, जनक समिति एवं
वात्सल्य के प्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सगरी बालमुकुन्द शर्मा जिला संचार सलाहकार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

