ठण्ड का कहर , ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म
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जौनपुर। जिले में ठंड का कहर जारी है। कई दिनों से सूर्य का भरपूर प्रकाश न होने की वजह से गलन बढ गयी है। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मानव संग पशु-पक्षी सभी बेहाल हैं लेकिन अलाव की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्य की किरणें धरती पर पड़ीं लेकिन इसका कोई फायदा न हुआ। थोड़ी देर बाद पारा लुढ़क गया और ठंड बढ़ गई। तीसरे पहर से सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। गरीबों के बस्ती की स्थिति दयनीय है। अनेक लोग बांस बल्ली, तिरपाल के सहारे अपनी जिन्दगी बसर कर रहे थे। प्रतिदिन रोजी रोटी जुटाने में हलकान है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में आग के सहारे अपना दिन बिता रहे हैं। खास कर महिलाओं व बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार के सारे दावे गरीबों के दरवाजे पर आकर दम तोड़ देते हैं। कहने को तो प्रशासन द्वारा अलाव जलाये जा रहे है लेकिन चन्द स्थानों पर ही। उधर विगत दिन से पड़ रही ठंड ने जहां आम जन को घरों में रहने पर विवश कर दिया है वहीं ऊनी गर्म वस्त्रों के व्यवसायियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। दिसंबर माह की शुरुआत से ही ठंड ने तेजी पकड़ ली थी लेकिन एक सप्ताह बाद मौसम खुशनुमा हो गया था। रोज समय से धूप भी निकलती रही। इससे लोगों को राहत मिली थी। केवल सुबह व शाम को ही हल्की सर्दी पड़ रही थी। लेकिन मंगलवार से ठंड दोबारा लौट आई है। ठंड बढ़ने से जहां आम लोग इससे बचने के लिए गर्म ऊनी वस्त्र खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। वहीं इससे व्यवसायियों के ठंड पड़े व्यवसाय में गर्मी आ गई है। कस्बे के लगभग सभी रेडीमेड व ऊनी वस्त्रों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। पहले जहां इक्का दुक्का ही ग्राहक पहुंचते थे। वहीं अब लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी कर रहे है।
