हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचार पर बन्द हो जाती नेताओं की बोलीः स्वामी अम्बुजानन्द
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जौनपुर।
जब हिन्दुओं पर अत्याचार होता है तो कोई भी राजनीतिक पार्टी खुलकर सामने
नहीं आती। चाहे वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही क्यों न हो। वहीं
मुस्लिम या अन्य धर्म की बात आती है तो सभी पार्टियां एक हो जाती हैं। ऐसा
लगता है जैसे केवल इन्हीं वोटबैंक भारतवर्ष में मायने रखता है। उक्त बातें
अखिल भारत हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वामी
अम्बुजानन्द जी महाराज ने शुक्रवार को नगर के सरस्वती बाल मन्दिर उमरपुर
में पत्र-प्रतिनिधियों से हुई वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बंगाल
में पिछले कई वर्षों से हिंदुओं पर हो अत्याचार हो रहे हैं लेकिन वहां की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इस विषय पर कुछ न बोलना संदेहास्पद लगता है। अब
तो लगने लगा है कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट भी इन्हीं के बारे में केवल
सोचती है। जब हिंदू धर्म की बात आती है तो सुप्रीम कोर्ट खुद हस्तक्षेप
करता है। वहीं जब मुस्लिम सहित अन्य धर्मों की बात आती है तो वह अपना मुंह
मोड़ लेता है। उदाहरण शनि शिंगणापुर मंदिर, हाजी अली, बावरियों पर ‘कर’ का
बंद होना, मूर्तियों का नदी में न प्रवाहित होना है लेकिन स्लाटर हाउस
निरन्तर चलता रहे। उन्होंने कहा कि लगता है अब अखिल भारत हिन्दू महासभा को
उत्तर प्रदेश में भी चुनाव की तैयारी करनी पड़ेगी विशेष करके जौनपुर में। इस
अवसर पर महासभा के मनीष सेठ, रामचन्दर बिन्द, सौरभ यादव, पिंटू मौर्या,
बसंत यादव, किशन बिन्द, शीतल, पल्लू मोदनवाल, विजय चौरसिया, आनंद उपाध्याय,
अम्बुज पाण्डेय, शशांक श्रीवास्तव सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता
उपस्थित रहे।

