प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाकर पहले दिन दफ्तर पहुंचे साहेब
https://www.shirazehind.com/2017/01/blog-post_25.html
जौनपुर। यातायात नियमों धज्जियां उड़ाते हुए आज जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्राईवेट लग्जरी वाहन पर नीली बत्ती लगाकर पहले दिन दफ्तर पहुंचे। साहब का यह रौब देखकर उनके कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी अचभिंत हो गये। मामूल हो कि दो दिन पूर्व इस कुर्शी पर तैनात आर एन सिंह को लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया उनके स्थान पर आर एस यादव को भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया कि आर एस यादव ने शनिवार की देर रात अपना कार्यभार ग्रहण किया। आज सुबह दफ्तर खुलते ही नये अपर मुख्य अधिकारी आर एस यादव सफेद कलर की आई 20 स्पोर्टज वाहन नम्बर यूपी 32 जी जे 1314 पर नीली बत्ती लगाकर पहुंचे। साहब द्वारा प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाकर पहुंचने से कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में एक अलग सी हलचल दिखी।
इस वाहन की पड़ताल के लिए शिराज ए हिन्द डाॅट काम ने मोबाईल मैसेज द्वारा आरटीओ कार्यालय से पड़ताल किया गया तो पता चला इस वाहन के मालिक उमेश है। उन्होने इस एचडीएफसी बैंक से फाईनेन्स पर लिया है। उन्होने इस गाड़ी का रजिस्टेशन लखनऊ आरटीओ आफिस कराया है। इसकी बैधता जुलाई 2030 तक है।
यह गाड़ी भले ही उमेश के नाम हो लेकिन प्रयोग नये अपर मुख्य अधिकारी आज करते दिखाई पड़े। अब सवाल यह उठता है कि इस प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाकर प्रयोग नये साहब ने क्यो कर रहे है। उमेश से इनका क्या रिश्ता है। अगर उमेश किसी उच्च पद है तो वो क्यो अपने प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाये हुए है। फिलहाल यह मामला जांच का बनता है।
सूत्रों ने बताया कि आर एस यादव ने शनिवार की देर रात अपना कार्यभार ग्रहण किया। आज सुबह दफ्तर खुलते ही नये अपर मुख्य अधिकारी आर एस यादव सफेद कलर की आई 20 स्पोर्टज वाहन नम्बर यूपी 32 जी जे 1314 पर नीली बत्ती लगाकर पहुंचे। साहब द्वारा प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाकर पहुंचने से कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में एक अलग सी हलचल दिखी।
इस वाहन की पड़ताल के लिए शिराज ए हिन्द डाॅट काम ने मोबाईल मैसेज द्वारा आरटीओ कार्यालय से पड़ताल किया गया तो पता चला इस वाहन के मालिक उमेश है। उन्होने इस एचडीएफसी बैंक से फाईनेन्स पर लिया है। उन्होने इस गाड़ी का रजिस्टेशन लखनऊ आरटीओ आफिस कराया है। इसकी बैधता जुलाई 2030 तक है।
यह गाड़ी भले ही उमेश के नाम हो लेकिन प्रयोग नये अपर मुख्य अधिकारी आज करते दिखाई पड़े। अब सवाल यह उठता है कि इस प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाकर प्रयोग नये साहब ने क्यो कर रहे है। उमेश से इनका क्या रिश्ता है। अगर उमेश किसी उच्च पद है तो वो क्यो अपने प्राईवेट वाहन पर नीली बत्ती लगाये हुए है। फिलहाल यह मामला जांच का बनता है।
