परमात्मा का बोध होना जरूरीः सुखदेव
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जौनपुर।
यह परमात्मा जानने योग्य है। यह तभी कहा गया है, क्योंकि यह कार्य संभव
है। इसलिये कहा गया है कि समय रहते सत्य का बोध हासिल कर लिया जाय। हालांकि
संसार में लोग भक्ति कर रहे हैं। अनन्त गुणों के मालिक परमात्मा का यशोगान
भी हो रहा है लेकिन बोध नहीं हो पा रहा है। बोध होना बहुत जरूरी है। जब
ज्ञान की नजर मिल जाती है तो यह नजारे हो जाते हैं। उक्त उद्गार नगर के
मड़ियाहूं पड़ाव पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में रविवार को
आयोजित क्षमा याचना दिवस पर उपस्थित विशाल संत समूह को सम्बोधित करते हुये
संयोजक श्याम लाल साहू ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतापगढ़ के
क्षेत्रीय संचालक सुखदेव सिंह व संचालन राम पलट ने किया। इस अवसर पर
बरसाती, रामजीत, राजेश प्रजापति, डा. महेन्द्र प्रताप, रामचन्दर, समरजीत,
बिन्दिया, नरेन्द्र, हीरा लाल, पिण्टू, मेवा लाल के अलावा तमाम सम्बन्धित
लोग उपस्थित रहे।

