चांदी काट रहे कोचिंग सेण्टर
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जौनपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के निकट आते ही कोचिंग सेंटर्स पर छात्रों की भीड़ बढ़ गई है। कम समय में अच्छे अंक का प्रलोभन देकर उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है। न कोई मानक है और न ही सिस्टम का कोई नियंत्रण। कोचिग सेंटर संचालक खुद ही नियम ईजाद करते हैं और अभिभावकों को उनके पालन के लिए मजबूर करते हैं।बोर्ड परीक्षाएं निकट हैं। सोलह मार्च से यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होगी। परीक्षा में अव्वल आने के लिए हर परीक्षार्थी जी-जान से जुटा है। मकसद परीक्षा में पास होने का ही नहीं बल्कि अच्छे प्रतिशत लाने का भी है, क्योंकि बीटीसी सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिशत काफी अहमियत रखता है। अधिक अंकों से पास होने की चाहत ही परीक्षार्थियों को कोचिग सेंटरों की ओर खींच रहा है। सेंटर संचालक इसी का लाभ उठाने के लिए प्रचार-प्रसार भी उसी के अनुरूप कर रहे हैं। कम समय में अधिक अंक दिलाने का प्रलोभन दे रहे हैं। जिले में कई कोचिग सेंटर ऐसे हैं, जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है। बिना पंजीकरण के ही कमाई कर रहे हैं। ऐसे कोचिंग सेंटर ट्यूशन फीस के साथ-साथ सर्विस टैक्स भी वसूल रहे हैं मगर आयकर विभाग को हिसाब शायद ही देते होंगे।

