लेखपाल संघ ने किया बूथ निर्माण का बहिष्कार
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जौनपुर। चुनाव आयोग द्वारा बूथ निर्माण हेतु 180 रुपये प्रति बूथ निर्धारित है और पैसा भी आ चुका है लेकिन लेखपालों को प्रति बूथ 27.93 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा था जिसका लेखपाल संघ ने विरोध किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया । कहा कि यदि 180 रु0 प्रति बूथ की दर से भुगतान नहीं किया जाता तो जनपद का कोई लेखपाल बूथ नहीं बनवाएगा। जिलाधिकारी से हुई वार्ता में अपरजिलाधिकारी ने बताया कि 135 रु0 का गत्ता खरीद लिया गया, इसपर जिलाध्यक्ष द्वारा कहा गया कि अन्य जनपदों में गत्ते के साथ 180 रु0 मिला है तो अपर जिलाधिकारी जवाब नहीं दे पाये। यदि 135 का गत्ता खरीदा भी गया जो कि नियम विरुद्ध है तब भी प्रति बूथ 45 रु0 बचता है लेकिन 27 रु0 दिया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा भी सन्तोषजनक जवाब न देने पर बूथ निर्माण न करने का निर्णय हुआ जिससे अफरा तफरी मची है। जिलाध्यक्ष ने कहाँ कि आचार संहिता लगने से पूर्व ही हमलोग चुनाव कार्य में लग जाते हैं और गणना होने के बाद तक निर्वाचन का कार्य करते हैं परन्तु हमलोगों को एक रूपया भी मानदेय नहीं मिलता। पोस्टर बैनर हटाना, वाल राइटिंग मिटवाना, बूथ पर पेन्टर से लिखवाना,मतदाता जागरूकता अभियान कराना,वृद्ध मतदाताओं का सम्मान समारोह आयोजित करना, ठस्व् द्वारा प्राप्त फार्मों को इकठ्ठा करना,जाँच करना, उनका सुपरविजन करना,म्टड की सेटिंग करना,मतदाता सूची तैयार कराना,प्रेक्षक के साथ घूमना व उनके खाने पीने की व्यवस्था करना,पोलिंग पार्टी को सामग्री देना,म्टड जमा कराना व मतगणना आदि कार्य हमलोग अपने पैसे से करते हैं जबकि बाकी कर्मचारियों को ड्यूटी करने का व प्रशिक्षण प्राप्त करने का पैसा मिलता है। हमलोगों को चुनाव आयोग का भय दिखाकर निःशुल्क काम कराया जाता है यहाँ तक कि दिन रात काम करने के बावजूद एक चाय की भी व्यवस्था नहीं रहती। जबकि चाय नास्ते का भी पैसा आता है।

