नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का समापन
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जौनपुर। गायत्री प्रज्ञा मण्डल जज कालोनी में चल रहे चार दिवसीय योग, संस्कार महोत्सव तथा नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के अन्तिम दिन रविवार को विभिन्न आध्यात्मिक संस्कार एवं सत्संग संपन्न हुआ। प्रातःकाल कार्यक्रम योग से शुरू हुआ। इस अवसर पर योगाचार्य अभिषेक मिश्र ने साधकों को प्रज्ञा योग, मंडूक आसन, अध्र्यमत्येन्द्र आसन से मधुमेह के उपचार की विधि एवं भ्रामरी तथा उज्जायी प्राणायाम से हृदय रोग एवं थायरायड से सम्बन्धित रोगों से मिलने वाले फायदे के बारे में अवगत कराते हुए योगाभ्यास कराया। शान्तिकुन्ज हरिद्वार से आये भजन गायक प्रह्लाद सिंह व शंभू पाण्डेय के भजनों से श्रद्धालु मंत्र गुग्ध हो गये। नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आठ पारियों में हुआ। विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, पुंसवन व जन्मोत्सव कार्यक्रम संपन्न हुआ। अनेक लोगों ने गुरू दीक्षा ली, यज्ञोपरान्तश्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए अतुल द्विवेदी ने कहा कि वही व्यक्ति इस संसार में महामानव की श्रेणी में युगों युगों तक अमर हो जाते है जो मानवता और न्याय नीति की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों की आहुुति देने में तनिक भी संकोच नहीं करते । अनेक मनुष्य अपने स्वार्थो की बात सोचते हुए स्वार्थपूर्ण कार्य करके काल कवलित हो गये और मानवता का संदेश नहीं दे पाये। शान्ति कुंज से आयी टोली की विदाई व संत्संग भी हुआ। देश बन्धु पद्माकर मिश्र ने कहा कि संसार का नियम है जो आज उत्पन्न हुआ वह कभी समाप्त होगा। अपने छोटे से नाशवान जीवन के लिए सदैव सुखों के लिए अज्ञान के मार्ग पर न चलकर मनीषियों के मार्ग पर चलना चाहिए। डा0 शीतला सिंह, डा0 बृजेश सिंह, कुसम सिह, विजय नारायण सिंह, बीना सिंह, आभा सिंह, डा0 अजय मिश्रा, अंजलि गुप्ता, तनु गुप्ता, सन्तोष श्रीवास्तव, प्राची श्रीवास्तव सतीस मौर्य , आनन्द मिश्रा आदि मौजूद रहे।

