जीएसटी के विरोध में वित्त मंत्री को भेजा ज्ञापन
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जौनपुर। व्यापार मण्डल ने जीएसटी के विरोध में प्रदेश वित्त मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा। ज्ञापन में जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार जायसवाल ने कहा है कि व्यापारी जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) जैसी जटिल टैक्स प्रणाली को लेकर असमंजस की स्थिति में है यहा तक की देष का किसान मजदूर व आम आदमी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। जीएसटी के बारे में उत्तर प्रदेष का व्यापारी एवं देष का व्यापारी इस टैक्स प्रक्रिया से भलि भाति अवगत नहीं है इसलिए उत्तर प्रदेष षासन से हमारी पुरजोर अपिल है कि इस टैक्स प्रणाली में कुछ सुधार करते हुये इसे 3 से 6 महीने तक टाला जाये जिससे व्यापारी जीएसटी का सामना करने के लिए पूरी तरीके से तैयार हो। मांग किया कि जीएसटी में ई-बिलिंग के अलावा मैनुअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा व्यापार रखा जाय। व्यापारी के लिए कम्प्यूटर और चार्टर्ड एकाउण्टेंट रखना संभव नहीं है। इसलिए उसको वैकल्पिक रखा जाय, एक जुलाई से किसी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसके लिए अभी सरकार की तैयारी पूरी नहीं हुई है। व्यापारियों को भी कोई विशेष जानकारी अभी तक नहीं है। इसलिए जीएसटी को कम से कम 6 माह के लिए आगे बढ़ाया जाय। किसी भी प्रकार से सजा के प्रावधान को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल स्वीकार नहीं करेगा। जुर्माना और अर्थदण्ड व्यापारी के ऊपर किसी प्रकार स्वीकार नहीं है। दो साल तक अर्थदण्ड नहीं लगाना चाहिए। कपड़े पर से जीएसटी हटना चाहिए। जीएसटी लागू से पूर्व व्यापारी को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। व्यापारियों पर लगाये गये जीएसटी जैसे जटिल टैक्स प्रणाली को अविलम्ब रोकते हुए इसके अनुकूल माहौल बनाया जाय ताकि व्यापारी देष के मुख्य धारा से जुड़ते हुये व आम आदमी व किसान मजदूर सभी इस टैक्स प्रणाली के बारे में भली भाति अवगत हो जाये हमारी उक्त मांगे अगर नही मानी गयी तो व्यापार मण्डल संर्घश के रास्ते को अपनाते हुये हमे अपने हक की लड़यी सड़क पर आकर लड़ने मजबूर होना पड़ेगा।

