ईद की खरीददारी के लिए बाजारों में रौनक
https://www.shirazehind.com/2017/06/blog-post_320.html
जौनपुर। ईद-उल-फितर का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर लिया है। पुलिस अधीक्षक शैलेष पाण्डेय ने सहयोगियों के साथ शाही ईदगाह का निरीक्षण निर्देश दिया। ईद के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गईं हैं। बाजार में भी चहल-पहल बढ़ गई है और खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। सबसे ज्यादा रेडीमेड कपड़ों की खरीद पर जोर दिया जा रहा है। महिलाएं और बच्चे बाजार खुलते ही अपनी पंसद के कपड़े खरीदने में जुट जाते हैं। जबकि पुरुष सफेद कुर्ता पाजामा तथा टोपियों की खरीद को तवज्जो दे रहे हैं। ईद के मुख्य पकवान सिवईयां की दुकानें भी सज गई हैं। रमजान माह के समापन पर मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर हालांकि तैयारियां काफी दिनों से शुरू कर दी गईं थीं, लेकिन बाजारों में चहल-पहल कम थी। जैसे-जैसे ईद की तिथि नजदीक आ रही है, बाजारों में खरीदारों का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है। सदर बाजार, आगरा गेट, सेंट्रल चैराहा, हाजीपुरा, नालबंद चैराहा के बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ शुरू हो जाती है। रेडीमेड कपड़ों की मांग इस बार ज्यादा दिखाई दे रही हैं। महिलाएं व बच्चे सबसे ज्यादा इन्हीं कपड़ों पर जोर दे रहे हैं। दुकानदारों ने भी मांग को देखते हुए नई डिजाइन के कपड़े बाजार में उतारे हैं। महंगाई का असर भी दिखारू ईद पर मुस्लिम समुदाय के लोगों में नए कपड़े पहनने का रिवाज है। अमीर से लेकर गरीब तक इस मौके पर नए परिधानों में सजे धजे नजर आते हैं। इसके लिए बाजार में कपड़ों की मांग में इजाफा हुआ है। मगर इस बार महंगाई के कारण लोग सीमित दायरे में ही खरीद कर रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो इस बार कपड़ों के दामों में 10 से 15 फीसद का इजाफा हुआ है। नये कपड़ों के साथ नए जूते-चप्पलों की खरीद के लिए भी दुकानों पर भीड़ जुट रही है। लोगों की मांग को देखते हुए जगह-जगह इनकी दुकानें सजाईं गईं हैं। जहां महिलाएं चप्पल व स्लीपर खरीदने में जुटी हैं तो पुरुष भी पीछे नहीं हैं। लेकिन महंगाई का असर दिख रहा है। मेवा के दामों में दस फीसद इजाफारू किराना कारोबारी रवींद्र कुमार गुप्ता व पंकज शर्मा ने बताया कि ईद पर्व पर किराने के सामान की भी खरीदारी होती है। मगर इस बार बादाम, किसमिस, छुआरा, चिरौंजी, नारियल व काजू के दामों में पांच से दस फीसद तक बढ़ोतरी हुई है। इससे खरीदार तो आ रहे हैं, लेकिन महंगाई के कारण कम मात्रा में खरीद कर रहे हैं।

