पत्रकार ओम प्रकाश पांडेय को फर्जी मुकदमे में जेल
https://www.shirazehind.com/2017/06/blog-post_678.html
जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर बाजार स्थित यूनियन बैंक की एक मात्र शाखा है। नोटबंदी के दौरान 19नवम्बर 2016 को यूनियन बैंक पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ थी, भीड़ को संभालने के लिए चौकी प्रभारी घनश्यामपुर पुलिस चौकी से कांस्टेबल अशोक व बालमुकुंद मौर्या व गौरीशंकर तैनात किए गए। इतने में नागेंद्र व दो अन्य लोग आए और भीड़ तोड़ दिए व पुलिसकर्मियों से कहासुनी के दौरान हाथापाई हो गई । मामले में तीनों आरोपियों पर नामजद मुकदमा थाना बदलापुर में पंजीकृत किया गया व विवेचना चौकी प्रभारी घनश्यामपुर संजीव सिंह को करने लगे।आरोपियों की गिरफ्तारी हुई व कुछ माह पश्चात आरोपियों की कोर्ट जमानत मिल गई जिसमें लगभग आठ माह बाद जब चार्जशीट हुई तो विवेचक’ संजीव सिंह ने विवेचना के दौरान इसी मामले में मारपीट व हत्या के प्रयास का खड़यंत्र रचने के आरोप में पत्रकार ओम प्रकाश पांडेय निवासी भटेहरा का नाम डाल दिया इतना ही नही धारा 120 बी के तहत पत्रकार को भीड़ का हिस्सा बना दिया। जब मारपीट होने लगी तो पत्रकार ओम प्रकाश पांडेय यूनियन बैंक के सामने मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही पत्रकार कवरेज करने गए व कैमरे में मारपीट की घटना व पुलिसकर्मियों से होते दुर्व्यवहार को कैद कर लिया। बस खबर ही कवरेज करना पत्रकार को भारी पड़ गया।’ रंजिश निकाल रहा दरोगा’क्षेत्र के ही एक गाँव मे एक पत्रकार की बहस से हुई अपहरण व गैंगरेप काण्ड में पीड़िता के परिजनों को कमरे से बाहर कर बिना महिला कांस्टेबल के पीड़िता के परिजनों को 161 का बयान बताकर बंद कमरे में दुष्कर्म करने वाले दरोगा संजीव के खिलाफ जब जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव कुमार मिश्र की अदालत में 156(3)पत्रकार ओम प्रकाश के सहयोग दाखिल किया गया तब दागी दरोगा सुलह करने का दवाव बनाने लगा व धमकी देने लगा कहा कि पुलिस से दुश्मनी बहुत महंगी पड़ेगी सुलह कर लो वरना अंजाम बुरा होगा। अंततः पीड़िता की दबी आवाज को सहारा देने वाले पत्रकार पांडेय को फर्जी तरीके से फसा कर जेल भेज दिया।


किस अखबार/मीडिया से पत्रकार हैं पाण्डेय जी
जवाब देंहटाएंकिस अखबार/मीडिया से पत्रकार हैं पाण्डेय जी
जवाब देंहटाएं