कृषक वैज्ञानिक संवाद मे विशेषज्ञो ने दिया लाभकारी खेती की जानकारी
https://www.shirazehind.com/2017/06/blog-post_749.html
जौनपुर। उप कृषि निदेशक कार्यालय के सभागार मे शनिवार को आत्मा
योजनान्तर्गत कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिनमे कृषि
वैज्ञानिको द्वारा किसानों को खरीफ फसलो के गुड़वत्ता युक्त उत्तपादन के लिए
उपयोगी जानकारी दी गयी।
किसानों को सम्बोधित करते हुए उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कहा कि पारदर्शी किसान सेवा योजना के अन्तर्गत विभाग की योजनाओं के लाभ के लिए किसान पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है । किसान भाई पंजीकरण कराके जिस योजना का लाभ लेना चाहते है पहले उस योजना मे अपना पंजीकरण लिंक कराले तत्पश्चात कृषि निवेश नकद मूल्य पर क्रय करके विभाग मे आन लाईन आवेदन करे तो चयन होने पर एस एम एस के द्वारा लाभार्थी को सूचना दी जाएगी। लाभार्थी आवश्यक अभिलेख कार्यालय मे प्रस्तुत करेगे । इसके बाद अनुदान की धनराशि डी बी टी के तहत सीधे लाभार्थी के खाते मे भेज दिया जाएगा।
कृषि विज्ञानिक डा0 सुरेश कन्नौजिया ने नवीन पौध रोपण एवं धान , मक्का व अरहर की उन्नति शील खेती की विस्तार से तकनीकी जानकारी दिया। कृषि वैज्ञानिक डा0 संदीप ने मधुमक्खी पालन एवं मशरूम की खेती की विस्तार से जानकारी दी।
इन्जिनियर डा0 अमिताभ कर ने धान की शीधी वुआई ड्रम शीडर से करने का सुझाव दिया। डा0 सोमेन्द्र सिंह ने खरपतवार प्रवन्धन एवं जल प्रवन्धन की जानकारी दिया। डा0 सुनील सिंह ने जैविक खेती की जानकारी दिया ।
किसान जियालाल ने गन्ने मे टॉप बोरर के नियंत्रण की जानकारी चाही तो डा0 संदीप ने बताया कि कार्बोफ्यूरान 30 किग्रा0 प्रति हे0 दर से छिड़क कर सिचाई कर दे तो फसल नुकसान से बच जाएगी।
कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने बीज शोधन , मृदा शोधन की जानकारी दिया। कार्यक्रम का संचालन कृषि तकनीकी सहायक एवं प्रभारी विषय वस्तु विशेषज्ञ डा0 रमेश चंद्र यादव ने किया। इस मौके पर तकनीकी सहायक जाग्रीति सिंह , प्रीति यादव , दिव्यांशी यादव , योगेन्द्र सिंह , अरविंद कुमार , संजय श्रीवास्तव , देवेश मिश्रा , सिंटू शर्मा आदि मौजूद रहे।
किसानों को सम्बोधित करते हुए उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय ने कहा कि पारदर्शी किसान सेवा योजना के अन्तर्गत विभाग की योजनाओं के लाभ के लिए किसान पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है । किसान भाई पंजीकरण कराके जिस योजना का लाभ लेना चाहते है पहले उस योजना मे अपना पंजीकरण लिंक कराले तत्पश्चात कृषि निवेश नकद मूल्य पर क्रय करके विभाग मे आन लाईन आवेदन करे तो चयन होने पर एस एम एस के द्वारा लाभार्थी को सूचना दी जाएगी। लाभार्थी आवश्यक अभिलेख कार्यालय मे प्रस्तुत करेगे । इसके बाद अनुदान की धनराशि डी बी टी के तहत सीधे लाभार्थी के खाते मे भेज दिया जाएगा।
कृषि विज्ञानिक डा0 सुरेश कन्नौजिया ने नवीन पौध रोपण एवं धान , मक्का व अरहर की उन्नति शील खेती की विस्तार से तकनीकी जानकारी दिया। कृषि वैज्ञानिक डा0 संदीप ने मधुमक्खी पालन एवं मशरूम की खेती की विस्तार से जानकारी दी।
इन्जिनियर डा0 अमिताभ कर ने धान की शीधी वुआई ड्रम शीडर से करने का सुझाव दिया। डा0 सोमेन्द्र सिंह ने खरपतवार प्रवन्धन एवं जल प्रवन्धन की जानकारी दिया। डा0 सुनील सिंह ने जैविक खेती की जानकारी दिया ।
किसान जियालाल ने गन्ने मे टॉप बोरर के नियंत्रण की जानकारी चाही तो डा0 संदीप ने बताया कि कार्बोफ्यूरान 30 किग्रा0 प्रति हे0 दर से छिड़क कर सिचाई कर दे तो फसल नुकसान से बच जाएगी।
कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने बीज शोधन , मृदा शोधन की जानकारी दिया। कार्यक्रम का संचालन कृषि तकनीकी सहायक एवं प्रभारी विषय वस्तु विशेषज्ञ डा0 रमेश चंद्र यादव ने किया। इस मौके पर तकनीकी सहायक जाग्रीति सिंह , प्रीति यादव , दिव्यांशी यादव , योगेन्द्र सिंह , अरविंद कुमार , संजय श्रीवास्तव , देवेश मिश्रा , सिंटू शर्मा आदि मौजूद रहे।

