डीपीआरओ की कुर्सी के लिए रस्साकसी
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जौनपुर। कुर्सी की जंग अब तक राजनीतिक दलों में ही देखने को मिलती थी, कितु अब अधिकारियों में भी रस्सा कसी चल रही है। डीपीआरओ एक पद के लिए तीन अधिकारी काम कर रहे हैं। इसके कारण चर्चा में रहने वाले इस विभाग के कर्मचारियों को भी दिक्कत हो रही हैं, क्योंकि वे अभी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर किसकी बात मानी जाय। जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव का तबादला शासन से कर दिया गया। उन्हे डिप्टी डायरेक्टर पंचायती राज वाराणसी कार्यालय से संबंद्ध कर दिया। इनके स्थान पर प्रभारी डीपीआरओ के तौर पर राम आशीष चैधरी को भेजा गया। कभी जिले में एडीओ पंचायत रहे राम आशीष आकर चार्ज भी ले लिए, कितु वित्तीय अधिकार पीडी पीके राय को दे दिया गया। ऐसे में नये अधिकारी को पाये कर्मचारियों ने भी उन्हे साहब मान लिया। कुछ ने करीबी भी होने प्रयास किया जिसमें दो कर्मचारी सफल भी हुए, लेकिन इसी दौरान सुधीर कुमार श्रीवास्तव कोर्ट चले गए। सूत्रों की माने तो काफी मशक्कत के बाद उन्हें शासन से किए गए तबादले पर स्टे मिल गया। इसके बाद वे जिले में आ गए और कुर्सी भी संभाल लिया। उधर डीपीआरओ की कुर्सी पाए राम आशीष भी कार्यालय में बैठे रहे जिसके कारण कर्मचारियों में इस बात को लेकर उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई कि आखिर किसे खुश करें। दोनों अधिकारी अपने-अपने स्तर से कुर्सी पाने की चाह में लगे हैं, जो अब विकास भवन में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सुधीर कुमार श्रीवास्तव को चार्ज दिला दिया गया, कितु अभी डायरेक्टर का नया आदेश नहीं आया है जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

