रात में ढूढ़े नहीं मिलेगें एटीएम से रूपये
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जौनपुर। अगर घर में कोई बीमार है पैसों की आपको सख्त जरूरत है और वक्त रात का है .. तो आपकी समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। दिन में तो एटीएम के नखरे हैं ही, रात तो इससे भी स्याह पहलू समेटे है। नब्बे फीसदी बैंकों के एटीएम के शटर अंधेरा होते ही गिर जाते हैं। शहर के मुख्य मार्ग से लेकर पॉश इलाके तक के एटीएम शाम को बंद हो जाते हैं। इसे बैंकों की अव्यवस्था कहें या सिस्टम का लचीलापन। शहरभर के एटीएम की पड़ताल करने पर अधिकांश एटीएम पर नो कैश या आउट ऑफ सर्विस का नोटिस लगा मिला। जबकि कुछ एटीएम खुले भी मिले तो उनमें से कई में कैश था ही नहीं। जबकि रात में तो हालात इससे भी बदतर हैं। अगर रात में घर में कोई बीमार पड़ जाए या पैसों की इमरजेंसी हो तो एटीएम से रुपये मिलने की उम्मीद तो आप छोड़ ही दीजिए। वैसे तो एटीएम के सीधे तौर पर मायने चैबीस घंटे रुपये निकासी से जोड़े जाते हैं, लेकिन हकीकत अब बदल गयी है। दिन में जहां एटीएम कैशलेस हैं और लोग भटक रहे हैं तो वहीं रात में हालात और भी ज्यादा बदतर है। बैंक अफसर बताते हैं कि खर्चे घटाने के लिए रात में बैंकों के एटीएम बंद किए गए हैं। सिक्योरिटी एजेंसी के साथ ही मेंटीनेंस इतना अधिक होता है जो कि खाताधारकों से प्राप्त शुल्क से बहुत कम बैठता है। एटीएम की स्थिति में सुधार के लिए बैंकों को पत्र लिखा गया है। उपभोक्ताओं को बैंकिंग सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिले इस संबंध में सभी बैंकों के अफसरों से जल्द वार्ता की जाएगी।

