दस रूपये में निपटेगें लाखों के मुकदमें
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जौनपुर। यदि आप स्टांप चोरी के मामले में फंसे हैं और उससे मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छा मौका है। अपनी गलती मानने पर आप मात्र दस रुपये का जुर्माना अदा कर मुकदमा निपटा सकते हैं। इसमें शासन की समाधान योजना मददगार साबित होगी, जो 31 मार्च तक लागू रहेगी। स्टांप बचाने के लिए जमीन एवं भवन का बैनामा कराते समय संपत्ति के खरीदार कई बार वास्तविक तथ्यों को छिपा लेते हैं। जहां प्लॉ¨टग हो रही होती है वहां खेत और जहां तीन मंजिला इमारत होती है। वहां एक मंजिला मकान दिखाना आम बात हो गई है। अधिकारियों के निरीक्षण में ऐसे कई मामले पकड़े जाते हैं। इसके बाद भवन स्वामियों के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में दायर किए जाते हैं। स्टांप चोरी के मुकदमे एडीएम राजस्व और सहायक महानिरीक्षक स्टांप न्यायालय में भी चलते हैं। कई मामलों में 40 से 50 लाख तक की स्टांप कमी पकड़ी गई है। ये मामले न्यायलय में विचाराधीन हैं। स्टांप अधिनियम के अनुसार स्टांप चोरी का दोषी पाए जाने पर कम लगाए गए स्टांप के बराबर या उससे अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन शासन ने वादकारियों को बड़ी राहत दी है। 31 मार्च तक समाधान योजना लागू की है। इसमें यदि कोई वादकारी अपना मुकदमा खत्म कराना चाहता है तो उसे प्रार्थना पत्र संबंधित न्यायालय में देना होगा। इसके बाद जितनी की स्टांप कमी पकड़ी गई है उतनी धनराशि, ब्याज, निबंधन शुल्क के अलावा मात्र 10 रुपये का टोकन अर्थदंड जमा करके मुकदमा समाप्त करा सकते हैं।

