योगी सरकार की सख्ती के चलते छात्रा गयी अवसाद में अस्पताल में भर्ती
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जौनपुर। एक तरफ योगी सरकार की सख्ती के चलते लाखो छात्रो ने बोर्ड की परीक्षा छोड़कर भाग खड़े हुए है वही कई छात्र-छात्राएं तनाव में आकर विमार हो गये है। इसकी बानगी देखने को मिली है जनपद सीमा से सटे प्रतापगढ़ जिले के श्री मोती सिंह बालिका इण्टर कालेज में। इस विद्यालय में इण्टर की परीक्षा दे रही एक छात्रा सख्ती के चलते हिन्दी का पेपर खराब होने के कारण अवसाद में आ गयी है। उसे जौनपुर के शाहगंज सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र पर भर्ती कराया गया है। विमारी चलते उसका शनिवार को भी गृह विज्ञान की परीक्षा छुट गयी। अब वह यूपी बोर्ड से गुहार लगा रही है कि उसकी छुटी हुई परीक्षा को पुनः कराया जाय।
प्रतापगढ़ जनपद के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव के निवासी अशोक पाठक की पुत्री आकांक्षा पाठक बाबा अनुरागदास इण्टर कालेज की इण्टर की छात्र है। उसका सेंटर मोती सिंह इण्टर कालेज सरायभीखी गया हुआ है। वह गुरूवार को दूसरी पाली की परीक्षा में हिन्दी का पेपर हल कर रही थी। पेपर कठिन था और परीक्षा में नकल करने की जरा भी छुट न मिलने कारण वह प्रश्नो को हल नही कर पा रही थी पेपर विगड़ने के कारण उसकी तबियत खराब हो गयी देखते ही देखते वह बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल प्रशासन ने आनन फानन में पास के डाक्टर के पास ले गये। उधर सूचना मिलते ही आकांक्षा के परिवार वाले भी आ गये। डाक्टर ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए रेफर कर दिया। दो दिन बीतने के बाद भी उसके हालत में सुधार नही हुआ जिसके कारण आज उसका गृह विज्ञान की परीक्षा छुट गयी। परीक्षा छुटने के कारण एक बार फिर से वह अवसाद में चली गयी है। हलांकि डा0 एम के गुप्ता ने उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी है।
प्रतापगढ़ जनपद के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के मीरपुर गांव के निवासी अशोक पाठक की पुत्री आकांक्षा पाठक बाबा अनुरागदास इण्टर कालेज की इण्टर की छात्र है। उसका सेंटर मोती सिंह इण्टर कालेज सरायभीखी गया हुआ है। वह गुरूवार को दूसरी पाली की परीक्षा में हिन्दी का पेपर हल कर रही थी। पेपर कठिन था और परीक्षा में नकल करने की जरा भी छुट न मिलने कारण वह प्रश्नो को हल नही कर पा रही थी पेपर विगड़ने के कारण उसकी तबियत खराब हो गयी देखते ही देखते वह बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल प्रशासन ने आनन फानन में पास के डाक्टर के पास ले गये। उधर सूचना मिलते ही आकांक्षा के परिवार वाले भी आ गये। डाक्टर ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए रेफर कर दिया। दो दिन बीतने के बाद भी उसके हालत में सुधार नही हुआ जिसके कारण आज उसका गृह विज्ञान की परीक्षा छुट गयी। परीक्षा छुटने के कारण एक बार फिर से वह अवसाद में चली गयी है। हलांकि डा0 एम के गुप्ता ने उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी है।

