सड़क पर सजी दुकाने , ग्राहकों का उमड़ा सैलाब
https://www.shirazehind.com/2018/02/blog-post_971.html
जौनपुर। फरवरी महीने के आखिरी दिन शहर में लगने वाले सालाना सेल में
बुधवार को खरीदारों खासतौर पर महिला ग्राहकों का ऐसा रेला उमड़ा कि पैदल
चलना भी मुश्किल हो गया। होली के ठीक दो दिन पहले लगे इस सेल में जमकर
खरीदारी से बाजार रौनक हो उठे। आवागमन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में पुलिस
को पसीने छूट गए। रास्ता जाम में कहीं एंबुलेंस फंसी तो कहीं स्कूल वाहन।
घंटेभर तक जाम में फंसे लोग बिलबिला उठे।
करीब एक दशक पहले शुरू हुई सालाना सेल पहले सिर्फ ऊलेन वस्त्रों की लगती थी। इधर दो-तीन साल से स्टाक में बचे हर सामान को बेचकर पैसा खाली करने का यह नुस्खा दुकानदारों को कुछ ऐसा रास आ गया है कि बैग, सिले-सिलाए वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन वगैरह की भी सेल तीन दिन लगने लगी है। इस बार सालाना सेल के ठीक दो दिन बाद होली का पर्व होने से बाजार कुछ ऐसे गुलजार हुए कि नवाब युसुफ रोड से ओलंदगंज व जहांगीराबाद से बदलापुर पड़ाव तक शहर के मुख्य मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। खरीदारों का सैलाब उमड़ने के कारण चहारसू चौराहा से ओलंदगंज तक पुलिस प्रशासन ने दो पहिया वाहनों तक का प्रवेश वर्जित कर रखा था। कसेरी बाजार, हरलालका रोड, ओलंदगंज में आमजन का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया। आवागमन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने को पुलिस, ट्रैफिक और होमगार्ड्स के जवान सभी चौराहों और तिराहों पर पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। बावजूद इसके जगह-जगह जाम में फंसे लोग बिलबिला उठे। कहीं पर एंबुलेंस जाम में फंसी तो कहीं स्कूल वाहन। मरीजों और बच्चों की भी खूब सांसत हुई। अब जरूरी हो गया है कि जिला प्रशासन ऐसे सालाना सेल को किसी स्कूल के मैदान में या फिर शहर से दूर लगाने के लिए निर्देश दे ताकि शहर की रोजमर्रा की ¨जदगी कराहने से बचे। साथ ही लोगों को खरीदारी में किसी तरह की परेशानी न होने पाए।
करीब एक दशक पहले शुरू हुई सालाना सेल पहले सिर्फ ऊलेन वस्त्रों की लगती थी। इधर दो-तीन साल से स्टाक में बचे हर सामान को बेचकर पैसा खाली करने का यह नुस्खा दुकानदारों को कुछ ऐसा रास आ गया है कि बैग, सिले-सिलाए वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन वगैरह की भी सेल तीन दिन लगने लगी है। इस बार सालाना सेल के ठीक दो दिन बाद होली का पर्व होने से बाजार कुछ ऐसे गुलजार हुए कि नवाब युसुफ रोड से ओलंदगंज व जहांगीराबाद से बदलापुर पड़ाव तक शहर के मुख्य मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। खरीदारों का सैलाब उमड़ने के कारण चहारसू चौराहा से ओलंदगंज तक पुलिस प्रशासन ने दो पहिया वाहनों तक का प्रवेश वर्जित कर रखा था। कसेरी बाजार, हरलालका रोड, ओलंदगंज में आमजन का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया। आवागमन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने को पुलिस, ट्रैफिक और होमगार्ड्स के जवान सभी चौराहों और तिराहों पर पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। बावजूद इसके जगह-जगह जाम में फंसे लोग बिलबिला उठे। कहीं पर एंबुलेंस जाम में फंसी तो कहीं स्कूल वाहन। मरीजों और बच्चों की भी खूब सांसत हुई। अब जरूरी हो गया है कि जिला प्रशासन ऐसे सालाना सेल को किसी स्कूल के मैदान में या फिर शहर से दूर लगाने के लिए निर्देश दे ताकि शहर की रोजमर्रा की ¨जदगी कराहने से बचे। साथ ही लोगों को खरीदारी में किसी तरह की परेशानी न होने पाए।

