स्वयं सहायता समूहों का एक उत्पाद बनेगा ब्राण्ड
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जौनपुर । अब हर जिले के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जाने वाले उत्पादों की पहचान सिर्फ शहर तक सीमित नही रहेगा, बल्कि यह प्रदेश और देश तक के बाजारों में अपनी धाक जमायेंगे। इसके लिए सरकार इसे बकायदा ब्राण्ड के रूप में विकसित करेगी, जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक नाम, एक उत्पाद योजना की शुरूआत की गई है, जिसमें सभी जिलों से उनके उत्पादों के लिए ब्राण्ड और लोगों का प्रस्ताव मांगा गया है। इनमें से तीन श्रेष्ठ ब्राण्ड व लोगो के प्रस्तावों को नगद पुरस्कार भी दिया जायेगा। परियोजना अधिकारी डूडा एम0पी0 सिंह ने बताया कि एक जिला, एक उत्पाद की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने एक नाम, एक उत्पाद पहल की शुरूआत करने की घोषणा की है, जिसमें प्रदेश भर के जिलों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे किसी भी एक उत्पाद को चयनित किया जायेगा। इस उत्पाद के ब्राण्ड और लोगो तक को विकसित करने की जिम्मेदारी भी इन स्वयं सहायता समूहों की होगी। इसके लिए सभी जिलों से प्रस्ताव मांगे गये हैं। श्रेष्ठ तीन प्रस्तावों को नगद पुरस्कार भी दिया जायेगा, जिसमें पहला पुरस्कार 15 हजार, दूसरा पुरस्कार 10 हजार और तीसरा पुरस्कार 05 हजार रूपये है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे अचार, मुरब्बा, पापड़, गारमेन्ट मेकिंग, हैंडक्राफ्ट, खाद्य प्रसंस्करण, खिलौना, पतंग, जूते-चप्पल, प्लास्टिक बैग, अगरबत्ती आदि उत्पादों को भी बड़े ब्राण्डों की तरह एक ब्राण्ड नेम से विकसित किया जाये। परियोजना अधिकारी डूडा एम0पी0 सिंह ने बताया कि इसके लिए दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के घटक सामाजिक गतिशीलता एवं संस्थागत विकास के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से सरकार द्वारा 24 मार्च तक प्रस्ताव मांगे गये हैं। अतः इच्छुक समूह सूडा की वेबसाइट से अथवा डूडा कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर अपना आवेदन डूडा कार्यालय में अथवा ईमेल या डाक के माध्यम से दि0 24 मार्च तक जमा कर सकते हैं।

