निजी अस्पतालों में नहीं लगता बर्थ डोज

जौनपुर। शत-प्रतिशत टीकाकरण कर बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य महकमे का दावा कागज में ही प्रभावी है। जिले में निजी नर्सिंग होम पर प्रतिमाह जन्म लेने वाले करीब 900 से अधिक नवजातों को हेपेटाइटिस- बी व बीसीजी का बर्थ डोज एवं पोलियो की खुराक ही नहीं दिया जा रहा है। इनमें बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है। जच्चा-बच्चा को बीमारियों से बचाने के लिए उनका टीकाकरण किया जाता है। गर्भावस्था के समय महिला को टीटी के दो टीेके लगते हैं। जन्म से 24 घंटे के भीतर बच्चे को हेपेटाइटिस-बी व बीसीजी का बर्थ डोज देने के साथ उसे पोलियो की जीरो डोज पिलाई जाती है लेकिन जिले के निजी नर्सिंग होम में नवजात पर यह प्रभावी नहीं है। सूत्रों की मानें तो जिले में 30 निजी केंद्रों पर प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक प्रसव होते हैं। उनमें से कुछ विभाग में पंजीेकृत भी हैं लेकिन उन पर पैदा होने वाले बच्चों को ये तीनों टीके लगते ही नहीं हैं। कुछ निजी अस्पताल को छोड़कर कोई भी नवजात को टीका लगवाने के प्रति गंभीर नहीं है। अस्पताल संचालक प्रसव के बाद चिकित्सीय सुविधा, जांच व बेड शुल्क के नाम पर परिजनों से मोटी रकम लेकर उन्हें छुट्टी दे दी जाती है लेकिन तीमारदार को टीकाकरण की जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है।  बालरोग विशेषज्ञ कहते है कि 24 घंटे के भीतर नवजात को हेपेटाइटिस-बी व बीसीजी का बर्थ एवं पोलियो का जीरो डोज देना जरूरी है। इसके न लगने पर बच्चे को पोलियो, टीबी व हेपेटाइटिस-बी की बीमारी हो सकती है। टीकाकरण के लिए अभिभावक व अस्पताल प्रशासन दोनों को जागरुक होना जरूरी है। मुख्य चिकित्साधिकारी की लापरवाही से स्वास्थ्य विभाग अपने कर्तव्यों से विमुख है। नर्सिंग होम संचालकों को नवजात को टीकाकरण के लिए महिला अस्पताल ले जाने की सलाह देनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया जाता और विभाग कोई कार्यवाही भी नहीं करता।

Related

news 6083553111429888296

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item