पूर्व प्रधान समेत तीन लोग भेजे गए जेल
https://www.shirazehind.com/2018/03/blog-post_923.html
जौनपुर। जमीन हड़पने के लिए साजिश रचने के आरोपी मुंगराबादशाहपुर थाना
क्षेत्र के पकड़ी गांव के पूर्व प्रधान सहित तीन आरोपियों को अदालत ने जमानत
अर्जी निरस्त कर जेल भेज दिया। तीनों आरोपियों ने बुधवार को अदालत में
आत्मसमर्पण किया था।
पकड़ी गांव निवासी जवाहर लाल ने धारा 156(3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। उसके मुताबिक वह नि:संतान है। पत्नी का देहांत हो चुका है। पत्नी के नाम पांच बीघा जमीन है जिसे हड़पने की नीयत से गांव के पूर्व प्रधान जीत लाल विश्वकर्मा, उसके भाई एक रिश्तेदार षड्यंत्र कर 13 अप्रैल 1996 को खुश्की वसीयतनामा तैयार कराया तथा सरकारी कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर मछलीशहर तहसील से दाखिल खारिज भी करा लिया। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराधकारित पाए जाने पर अदालत ने मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस को उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के पश्चात अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। हाईकोर्ट से दिशा-निर्देश लेकर आरोपियों ने एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। एसीजेएम द्वारा जमानत निरस्त किए जाने के बाद आरोपियों ने जिला जज अजय त्यागी की अदालत में अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया।
पकड़ी गांव निवासी जवाहर लाल ने धारा 156(3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। उसके मुताबिक वह नि:संतान है। पत्नी का देहांत हो चुका है। पत्नी के नाम पांच बीघा जमीन है जिसे हड़पने की नीयत से गांव के पूर्व प्रधान जीत लाल विश्वकर्मा, उसके भाई एक रिश्तेदार षड्यंत्र कर 13 अप्रैल 1996 को खुश्की वसीयतनामा तैयार कराया तथा सरकारी कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर मछलीशहर तहसील से दाखिल खारिज भी करा लिया। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराधकारित पाए जाने पर अदालत ने मुंगराबादशाहपुर थाना पुलिस को उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के पश्चात अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। हाईकोर्ट से दिशा-निर्देश लेकर आरोपियों ने एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। एसीजेएम द्वारा जमानत निरस्त किए जाने के बाद आरोपियों ने जिला जज अजय त्यागी की अदालत में अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया।

