मौत बनकर खेतों में झूल रहे बिजली के तार
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जौनपुर। बिजली विभाग की लापरवाही व अधिकारियों की अनदेखी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में जर्जर लाइनें मौत बनकर झूल रही हैं। गर्मी आते ही खूनी लाइनें लोगों की जान लेना शुरू कर देती हैं। आए दिन लोग करंट की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार होते हैं। फसलें भी आग की भेंट चढ़ जाती हैं। जिले के विभिनन क्षेत्रों में हादसों को दावत दे रही झूलती जर्जर विद्युत लाइनों पर विभाग ध्यान नहीं दे रहा। जर्जर तार खेतों में बमुश्किल चार से छह फीट ऊंचाई पर झूल रहे हैं। इससे ग्रामीणों को हर समय जान का खतरा बना हुआ है। आए दिन घटनाएं भी हो रही हैं। ग्रामीण लगातार लाइनमैनों से लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायतें कर रहे हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस है। घपलेबाजी का यह आलम यह है। कागजों पर ही स्वीकृति से लेकर लाइनें बन गईं। जबकि मौके पर जर्जर लाइनें लोगों को मौत के घाट उतार रही हैं। गत वर्ष जर्जर तारों की चपेट में आकर 20 लोग जान गवां चुके। इस वर्ष भी गर्मी के दस्तक देते ही घटनाएं फिर शुरू हो गईं। वहीं विभागीय लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। जिले के कई विद्युत उपकेन्द्रों के फीडरों पर जर्जर तारों पर 11केवी करंट दौड़ रहा है।

