थाना परिसर में कंटीली झाड़ियां और गंदगी देखकर भड़के एसपी
https://www.shirazehind.com/2018/07/blog-post_113.html
जौनपुर। पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने रविवार को बरसठी व मीरगंज थानों
का औचक निरीक्षण किया। दोनों थाना परिसरों में गंदगी देख उन्होंने कड़ी
नाराजगी जताई। विवेचना सुस्त होने पर एक दारोगा को फटकार भी लगाई।
करीब सवा तीन बजे एसपी मीरगंज थाने पहुंचे और पूरे परिसर को घूमकर देखा। परिसर में कंटीली झाड़ियां व मालखाने में पर्याप्त साफ-सफाई न मिलने पर नाराजगी जताई। पूछने पर एसआई रामजी सैनी ने बताया कि थानाध्यक्ष पन्नालाल परीक्षा ड्यूटी में गए हैं। थानाध्यक्ष के चेंबर की छत से पानी टपकते देख पूछा तो बताया गया कि सन 1907 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बना भवन जर्जर हो चुका है। उन्होंने शीघ्र सफाई और मरम्मत कराने का निर्देश दिया। कप्तान के जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक बरसठी थाने पर धमक पड़े। उनके अचानक पहुंचने से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। कप्तान थाना परिसर में गंदगी व फाइलों को अव्यस्थित देख मातहतों पर बिफर पड़े। मुकदमों की विवेचना की गति सुस्त होने पर एसआई बालेंद्र यादव को फटकार लगाई। मालखाना व मेस का भी निरीक्षण किया। थाना परिसर की साफ-सफाई और फाइलों को व्यवस्थित किए जाने के लिए पांच दिन की मोहलत दी। उनके जाने के बाद पुलिस कर्मियों की जान में जान आई।
करीब सवा तीन बजे एसपी मीरगंज थाने पहुंचे और पूरे परिसर को घूमकर देखा। परिसर में कंटीली झाड़ियां व मालखाने में पर्याप्त साफ-सफाई न मिलने पर नाराजगी जताई। पूछने पर एसआई रामजी सैनी ने बताया कि थानाध्यक्ष पन्नालाल परीक्षा ड्यूटी में गए हैं। थानाध्यक्ष के चेंबर की छत से पानी टपकते देख पूछा तो बताया गया कि सन 1907 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बना भवन जर्जर हो चुका है। उन्होंने शीघ्र सफाई और मरम्मत कराने का निर्देश दिया। कप्तान के जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक बरसठी थाने पर धमक पड़े। उनके अचानक पहुंचने से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। कप्तान थाना परिसर में गंदगी व फाइलों को अव्यस्थित देख मातहतों पर बिफर पड़े। मुकदमों की विवेचना की गति सुस्त होने पर एसआई बालेंद्र यादव को फटकार लगाई। मालखाना व मेस का भी निरीक्षण किया। थाना परिसर की साफ-सफाई और फाइलों को व्यवस्थित किए जाने के लिए पांच दिन की मोहलत दी। उनके जाने के बाद पुलिस कर्मियों की जान में जान आई।

