शिक्षा के बाद स्वास्थ्य विभाग पर डीएम का धावा, हड़कंप
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जौनपुर। शिक्षा विभाग के बाद अब डीएम ने स्वास्थ्य विभाग पर धावा बोला है। आज जिलाधिकारी ने सबसे पहले जिला अस्पताल का रूख किया। वहां पर डीएम की गाड़ी पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने वार्डो में जाकर भर्ती मरीजो से बातचीत किया तो हर मरीज डाक्टरो द्वारा बाहर की दवा लिखने की शिकायत की। उसके बाद वे सीधे स्टोर रूम पहुंचकर दवाओ की उपलब्धता के जानकारी लिया तो पता चला भण्डारण में दवा है ही नही। उसके बाद डीएम का कारवा सीएमओ आफिस पहुंचा। यहां पर एक ही पटल पर वर्षो से अंगद की तरह पांव पसारे बैठे बाबुओ की जन्मकुण्डली खंगाली।
तीन दिनो से डीएम जौनपुर अरविन्द बलप्पा बंगारी पूरे एक्शन में आ गये है। वे 11 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनता की फरियाद सुनने के बाद किसी न किसी कार्यालय पहुंचकर जमीनी हकीकत से रू ब रू हो रहे है। बुधवार को डीआईओएस आफिस गुरूवार को बीएसए दफ्तर पहुंचकर जायजा लिया। जिसमें डीआईओएस के बाबूओ और अधिकारियो द्वारा घोर लापरवाही बरतने के आरोप अगले आदेश तक सभी अधिकारियों कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। बीएसए के एक लिपिक को हस्ताक्षर बनाकर कार्यालय से गायब रहने के आरोप में निलंबन की संस्तुति किया है। आज डीएम अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचकर वार्डो में भर्ती मरीजो का हालचाल लिया। इस दरम्यान सभी मरीजो ने डाक्टरो द्वारा बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत किया। इस शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमएस से जानकारी लिया उसके बाद सीधे स्टोर रूम पहुंचकर दवाओ की उपलब्धता के बारे जानकारी लिया तो पता चला की स्टोर रूम में दवा ही नही है। उसके बाद डीएम ने शासन को दवा उपलब्ध के लिए पत्र लिखा।
उसके बाद वे डायलसीस वार्ड में जाकर वहां का हाल जाना। यहां पर मरीजो ने बताया कि चादर नही बदली जाती है और मास्क को बाहर से खरीदना पड़ता है। डीएम ने मौजूद डाक्टरो को चेतवानी देते हुए ऐसी शिकायत पुनः आने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जिलाधिकारी जिला अस्पताल से सीधे सीएमओ आफिस पहुंचकर साफ सफाई और वर्षो से एक ही पटल पर तैनात बाबुओ को एक एक करके बुलाकर उनके तैनाती का समय, पटल और कार्यो के बारे में जानकारी लिया।
जांच पड़ताल के बाद पत्रकारो को जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि मैने जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए , जिला अस्पताल और सीएमओ आफिस का औचक निरीक्षण किया है। जो कमियां पायी गयी है उसे सुधारने का समय दिया गया है। जो लोग प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये है उनके खिलाफ कार्यवाही किया गया है। मेरा यह अभियान विगड़े हुए सिस्टम सुधरने तक जारी रहेगा। उन्होने यह भी बताया कि जिन विभागो का मेरे द्वार निरीक्षण किया गया है। उन विभागो में पुनः निरीक्षण किया जायेगा।
तीन दिनो से डीएम जौनपुर अरविन्द बलप्पा बंगारी पूरे एक्शन में आ गये है। वे 11 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनता की फरियाद सुनने के बाद किसी न किसी कार्यालय पहुंचकर जमीनी हकीकत से रू ब रू हो रहे है। बुधवार को डीआईओएस आफिस गुरूवार को बीएसए दफ्तर पहुंचकर जायजा लिया। जिसमें डीआईओएस के बाबूओ और अधिकारियो द्वारा घोर लापरवाही बरतने के आरोप अगले आदेश तक सभी अधिकारियों कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। बीएसए के एक लिपिक को हस्ताक्षर बनाकर कार्यालय से गायब रहने के आरोप में निलंबन की संस्तुति किया है। आज डीएम अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचकर वार्डो में भर्ती मरीजो का हालचाल लिया। इस दरम्यान सभी मरीजो ने डाक्टरो द्वारा बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत किया। इस शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमएस से जानकारी लिया उसके बाद सीधे स्टोर रूम पहुंचकर दवाओ की उपलब्धता के बारे जानकारी लिया तो पता चला की स्टोर रूम में दवा ही नही है। उसके बाद डीएम ने शासन को दवा उपलब्ध के लिए पत्र लिखा।
उसके बाद वे डायलसीस वार्ड में जाकर वहां का हाल जाना। यहां पर मरीजो ने बताया कि चादर नही बदली जाती है और मास्क को बाहर से खरीदना पड़ता है। डीएम ने मौजूद डाक्टरो को चेतवानी देते हुए ऐसी शिकायत पुनः आने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जिलाधिकारी जिला अस्पताल से सीधे सीएमओ आफिस पहुंचकर साफ सफाई और वर्षो से एक ही पटल पर तैनात बाबुओ को एक एक करके बुलाकर उनके तैनाती का समय, पटल और कार्यो के बारे में जानकारी लिया।
जांच पड़ताल के बाद पत्रकारो को जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि मैने जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए , जिला अस्पताल और सीएमओ आफिस का औचक निरीक्षण किया है। जो कमियां पायी गयी है उसे सुधारने का समय दिया गया है। जो लोग प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये है उनके खिलाफ कार्यवाही किया गया है। मेरा यह अभियान विगड़े हुए सिस्टम सुधरने तक जारी रहेगा। उन्होने यह भी बताया कि जिन विभागो का मेरे द्वार निरीक्षण किया गया है। उन विभागो में पुनः निरीक्षण किया जायेगा।
