झाड़ फूंक नही मानसिक रोगी इलाज करायें
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जौनपुर। मानसिक रोगियों का उपचार झाडफंूक से नहीं बल्कि इलाज से संभव है। लोगों को चाहिए कि वह इस रोग की पहचान होते ही तुरन्त मनो चिकित्सक से सम्पर्क करें। उक्त बातें डा0 हरीनाथ यादव ने कही। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यह आने वाले समय में अन्य बीमारियों को पीछे छोड़ देगी। यह एक ऐसी बीमारी है जिसका निदान दवाओं से ही संभव है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण तनाव है। जब व्यक्ति असंभव को संभव करने का प्रयास अथवा अनावश्यक चिंतन करने लगता है तो इसका परिणाम एक प्रकार की बीमारी को जन्म देना होता है। चिड़चिड़ापन, नींद न आना, ख्वाब देखना, गुस्सा आना, एक ही बात को बार-बार दोहराना, शक करना, उल्टी-सीधी बातें करना, अत्यधिक नशा करना आदि लक्षण मानसिक रोग के हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उपर्युक्त लक्षण दिखाई दे तो उसके साथ अच्छा बर्ताव करें, अकेले में न छोड़े, उससे बातें करे साथ ही साथ मनो चिकित्सक को भी दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी उपचार से पूरी तरह ठीक हो सकती है।

