कच्ची दीवार गिरने से शबनम की मौत
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जौनपुर। जिशान व एहसान की बकरीद की खुशियां मातम में बदल गईं। दोनों बच्चों के सिर से ममता का साया एक झटके में उठ गया। चार वर्षीय एहसान को तो पता भी नहीं कि बकरीद के दिन सेंवई खिलाने का वादा करने वाली उसकी अम्मी अब इस दुनिया में रही ही नहीं।
सराय त्रिलोकी गांव में सोमवार की शाम कच्ची दीवार गिरने से शबनम की मौत हो गई। बकरीद से ठीक दो दिन पहले घटी इस घटना ने गांव वालों को हिलाकर रख दिया गया है। घरवालों की ईद की खुशियां गम में तब्दील हो गई। त्योहार की तैयारी की बजाए घर में रोना-पीटना मचा है। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शबनम का शव गांव पहुंचते ही पूरा माहौल मातमी हो गया। परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाने पहुंचने वालों की भी आंखें नम हो गईं। चार वर्षीय एहसान को तो पता भी नहीं कि उसकी मां अब उसके साथ नहीं है। जिशान को तो भरोसा ही नहीं कि त्योहार पर सेंवई, नए कपड़े पहनाने का वादा करके उसकी मां इस तरह रुखसत हो जाएगी। शबनम के शौहर जुबेर भी गुमसुम है। भारी गले से उन्होंने कहा कि यदि दीवार दुरुस्त करा लिया होता तो यह दिन देखने को नहीं मिलता।

