घटिया काम करने वाले ठेकेदारों की मांगी गई सूची
https://www.shirazehind.com/2018/11/blog-post_488.html
जौनपुर। गड्ढामुक्त अभियान के तहत बनाई गई सड़कों के टूटने को लेकर शासन
सख्त है। लखनऊ से आए फरमान में घटिया काम करने वाले ठेकेदारों की सूची
मांगी गई है। इतना ही नहीं सड़कों की जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से की
जाने वाली समीक्षा रिपोर्ट भी मुख्यालय को अवगत कराना होगा। करोड़ों रुपये
की लागत से तैयार की गई सड़कों का अभी भी बुरा हाल है। इसके पहले भी यह
जानकारी मांगी गई थी, जिसे विभाग की ओर से नहीं भेजी गई। रिपोर्ट के आधार
पर ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। घटिया सड़क बनाने वाले ठेकेदारों
की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर उपलब्ध होने की वजह से उन्हें कहीं और भी काम
नहीं मिल सकेगा।
गुणवत्ता पूर्ण सड़कें बनाने के लिहाज से पीडब्ल्यूडी की प्रत्येक सड़कों को अलग-अलग कोड दिया गया है। कोड को सिस्टम में डालते सड़क निर्माण संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। बनाए गए नए सिस्टम में घटिया सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को अलग अंकित किया जाएगा। इससे निर्माण में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। ब्लैक लिस्ट किए ठेकेदारों को कहीं भी काम नहीं मिल पाएगा। शासन के इस नई पहल को बेहतरी के रूप में देखा जा रहा है। इससे सड़कें बेहतर तो बनेंगी ही, साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मौजूदा समय में जिले में विभाग की 3970 सड़कें हैं। पूर्व में बरसात के दौरान जगह-जगह से टूटी सड़कों को देख सड़क पर उतरे विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने इसकी शिकायत शासन में की थी। अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण ने कहा कि अब नई बनने वाले सड़कें पहले से अधिक टिकाऊ होंगी।
गुणवत्ता पूर्ण सड़कें बनाने के लिहाज से पीडब्ल्यूडी की प्रत्येक सड़कों को अलग-अलग कोड दिया गया है। कोड को सिस्टम में डालते सड़क निर्माण संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। बनाए गए नए सिस्टम में घटिया सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को अलग अंकित किया जाएगा। इससे निर्माण में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। ब्लैक लिस्ट किए ठेकेदारों को कहीं भी काम नहीं मिल पाएगा। शासन के इस नई पहल को बेहतरी के रूप में देखा जा रहा है। इससे सड़कें बेहतर तो बनेंगी ही, साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मौजूदा समय में जिले में विभाग की 3970 सड़कें हैं। पूर्व में बरसात के दौरान जगह-जगह से टूटी सड़कों को देख सड़क पर उतरे विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने इसकी शिकायत शासन में की थी। अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण ने कहा कि अब नई बनने वाले सड़कें पहले से अधिक टिकाऊ होंगी।
