धर्म परिवर्तन व अपहरण के आरोपियों पर FIR का आदेश
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र कुद्दूपुर में सनातन धर्म से ईसाई
धर्म परिवर्तन व अपहरण के आरोप में सीजेएम ने आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ
प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश थानाध्यक्ष को दिया। कोर्ट ने 24 घंटे
के भीतर रिपोर्ट दर्ज कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।
वादिनी ने कोर्ट में धारा 156(3)के तहत दरखास्त दिया कि आरोपी दशरथ चौहान, मुन्नालाल, दीनानाथ, राजेंद्र, फौजदार व धनराज निवासी कुद्दूपुर(बच्छे) ईसाई धर्म का प्रचार करने के नाम पर गांव के लोगों को बहला-फुसलाकर सनातन धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। वादिनी के बच्चों को भी प्रलोभन देकर बहला फुसलाया। विरोध पर वादिनी को परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। वादिनी की नाबालिग पुत्री को 28 जुलाई 2018 को करीब 2 बजे दिन में ईसाई धर्म सभा में बहला-फुसलाकर बुलाए और ईसाई धर्म में परिवर्तन की बात कही। पता चलने पर वहां पहुंची तो आरोपियों ने धमकी दी कि तुम लोग सपरिवार ईसाई धर्म ग्रहण करो और अपने गांव में स्थित जमीन चर्च बनाने के लिए दान करो, तभी तुम्हारी लड़की को छोड़ेंगे अन्यथा बेच देंगे। आरोपियों ने 16 सितंबर 2018 को वादिनी के पुत्र को ट्रैक्टर से दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। किस्मत अच्छी थी कि वह बच गया। वादिनी की ओर से अधिवक्ता बृजेश ¨सह ने तर्क दिया कि वादिनी ने घटना की सूचना थानाध्यक्ष व एसपी को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वादिनी की लड़की को आरोपी अभी तक अपहरण करके अपने कब्जे में रखे हुए हैं। आरोपियों ने धार्मिक उन्माद पैदा किया। धर्म परिवर्तन की साजिश रची। सनातन धर्म का मजाक उड़ाया जो जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने प्रथम ²ष्टया गंभीर मामला पाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
वादिनी ने कोर्ट में धारा 156(3)के तहत दरखास्त दिया कि आरोपी दशरथ चौहान, मुन्नालाल, दीनानाथ, राजेंद्र, फौजदार व धनराज निवासी कुद्दूपुर(बच्छे) ईसाई धर्म का प्रचार करने के नाम पर गांव के लोगों को बहला-फुसलाकर सनातन धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। वादिनी के बच्चों को भी प्रलोभन देकर बहला फुसलाया। विरोध पर वादिनी को परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। वादिनी की नाबालिग पुत्री को 28 जुलाई 2018 को करीब 2 बजे दिन में ईसाई धर्म सभा में बहला-फुसलाकर बुलाए और ईसाई धर्म में परिवर्तन की बात कही। पता चलने पर वहां पहुंची तो आरोपियों ने धमकी दी कि तुम लोग सपरिवार ईसाई धर्म ग्रहण करो और अपने गांव में स्थित जमीन चर्च बनाने के लिए दान करो, तभी तुम्हारी लड़की को छोड़ेंगे अन्यथा बेच देंगे। आरोपियों ने 16 सितंबर 2018 को वादिनी के पुत्र को ट्रैक्टर से दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। किस्मत अच्छी थी कि वह बच गया। वादिनी की ओर से अधिवक्ता बृजेश ¨सह ने तर्क दिया कि वादिनी ने घटना की सूचना थानाध्यक्ष व एसपी को दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वादिनी की लड़की को आरोपी अभी तक अपहरण करके अपने कब्जे में रखे हुए हैं। आरोपियों ने धार्मिक उन्माद पैदा किया। धर्म परिवर्तन की साजिश रची। सनातन धर्म का मजाक उड़ाया जो जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने प्रथम ²ष्टया गंभीर मामला पाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
