शराबी ने अपने दुधमुहे बेटे का बेरहमी से किया कत्ल, खुद ही शव लेकर कोतवाली पहुंचा
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जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के सेनापुर गांव का निवासी एक शराबी ने अपने दुधमुहे बेटे का बेरहमी से कत्ल कर दिया। सूबह नशा उतरने के बाद उसे अपने इस कृत्य का बोध होने वह खुद ही बच्चे का शव लेकर कोतवाली पहुंचकर पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया और शव को कब्जे में लेकर हत्यारे के घर और उसके ससुराल वालो की सूचना दिया। सूचना मिलते ही दोनो परिवारो के लोग के कोतवाली पहुंचने पर कोहराम मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार केराकत कोतवाली थाना क्षेत्र के सेनापुर गांव के निवासी दीपक सोनकर 43 वर्ष वह सब्जी बेचकर अपने बाल बच्चो का भरण पोषण करता था। लेकिन कुछ महीनो से वही शराब पीने का आदी हो गया। जिसके कारण उसकी पत्नी रेशमा से अक्सर विवाद होने लगा। रेशमा दो माह पूर्व अपने दो बच्चो को लेकर माइके चंदवक चली गयी। बुधवार को दीपक अपने पत्नी को वापस अपने घर लाने के लिए चंदवक गया गुरूवार को जब उसकी पत्नी ससुराल आने को तैयार नही हुई तो वह अपना डेढ़ वर्षीय पुत्र शिजय को लेकर देर शाम अपने घर के लिए भाग निकला। रास्ते में उसने दारू के ठेके पर जमकर शराब पिया। उधर उसका पुत्र रोने लगा बार बार चुप करने के बाद भी वह शांत नही हुआ तो उसने उसे पटक दिया। इसके बाद बच्चा और तेज से रोने लगा तो शराब के नशे में धुत दीपक ने उसका जबड़ा फाड़कर मौत के घाट उतार दिया। सूबह नशा उतरने के बाद उसे अपने जुर्म का बोध हुआ तो वह खुद ही बच्चे का शव लेकर कोतवाली पहुंचकर सारी घटना को पुलिस को बताया। पुलिस उसे गिरफ्तार करके लाकअप में बंद कर दिया और शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस जघन्य अपराध की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में सनसनी फैल गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार केराकत कोतवाली थाना क्षेत्र के सेनापुर गांव के निवासी दीपक सोनकर 43 वर्ष वह सब्जी बेचकर अपने बाल बच्चो का भरण पोषण करता था। लेकिन कुछ महीनो से वही शराब पीने का आदी हो गया। जिसके कारण उसकी पत्नी रेशमा से अक्सर विवाद होने लगा। रेशमा दो माह पूर्व अपने दो बच्चो को लेकर माइके चंदवक चली गयी। बुधवार को दीपक अपने पत्नी को वापस अपने घर लाने के लिए चंदवक गया गुरूवार को जब उसकी पत्नी ससुराल आने को तैयार नही हुई तो वह अपना डेढ़ वर्षीय पुत्र शिजय को लेकर देर शाम अपने घर के लिए भाग निकला। रास्ते में उसने दारू के ठेके पर जमकर शराब पिया। उधर उसका पुत्र रोने लगा बार बार चुप करने के बाद भी वह शांत नही हुआ तो उसने उसे पटक दिया। इसके बाद बच्चा और तेज से रोने लगा तो शराब के नशे में धुत दीपक ने उसका जबड़ा फाड़कर मौत के घाट उतार दिया। सूबह नशा उतरने के बाद उसे अपने जुर्म का बोध हुआ तो वह खुद ही बच्चे का शव लेकर कोतवाली पहुंचकर सारी घटना को पुलिस को बताया। पुलिस उसे गिरफ्तार करके लाकअप में बंद कर दिया और शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस जघन्य अपराध की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में सनसनी फैल गयी है।
