सांसद के गोद लिये गांव में विकास का टोटा
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जौनपुर। मोदी सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने सभी सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्र में एक एक गांव को गोद लेने के लिए कहा था। मछलीशहर के सांसद रामचरित निषाद ने शहर से 15 किमी दूर स्थित आरा गांव को गोद लिया। उसके बाद गांव वालों जब इस बात का पता चला तो उन्हें काफी खुशी हुई और उहोने लगा कि अब गांव का विकास होगा। नई सड़के बनेगी, गरीबो को रहने के आवास मिलेगा,शौचालय और तमाम सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ उनको केवल निराशा ही हाथ लगी। सांसद ने जब से गांव गोद लिया तब से वह कभी गांव को देखने तक नही आये। गांव में केवल एक पानी की टंकी बनाई पर उसका भी अभी तक कुछ पता नही चल रहा है कि कब तक लोगो को पानी मिलेगा। युवाओं से वादा किया था कि उनके खेलने के लिए खेल का मैदान बनवाएंगे। इसी वजह से गांवो के लोगो ने अपने अपने दीवारों पर लापता सांसद लिख दिया। ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग तो सांसद को पहचानते ही नही है। हम लोग सुने थे कि वे हमारे गांव को गोद लिया है। लेकिन रास्ते में चारो तरफ कूड़े का अम्बार लगा हुआ है। गरीबों को शौचालय नही मिले है। प्रधान भी सस्पेंड चल रही है। अभी तक गांव का कोई विकास ही नही हुआ। बेबी जयसवाल ने कहा कि हमने कभी अपने सांसद को देखा नही है और न ही पांच साल में कभी कोई विकास हुआ है। किसी भी गरीब महिला का शौचालय अभी तक बने। राजू राय ने कहा कि ऐसे प्रत्याशी को भाजपा टिकट न दे जो झूठे वादे करते है और साढ़े साल में एक बार भी हमारे गांव को देखने नही आया। वो वादे किए थे कि हम आरा गांव को बदल देंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ इसलिए हम लोग दो तीन महीने से उनको ढूढ रहे है और लोगो से अपील कर रहे है। कि हमारे लापता सांसद को कोई ढूढ कर ले आये। हम उनको इनाम देगे कि उन्होंने हमारे लापता सांसद को खोजकर लाये और अगर बीजेपी ऐसा प्रत्याशी उतरता है तो हम फिर नोटा का बटन दबाएंगे।

