सजायाफ्ता आलम सिंह भेजा गया फतेहगढ़ सेंट्रल जेल
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जौनपुर। सनसनीखेज जमालापुर तिहरा हत्याकांड के सजायाफ्ता आलम सिंह को
जिला कारागार से फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसा
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव की बाबत ऐसा किया गया है। शासन के आदेश यह
कार्रवाई गत दिवस इतनी तेजी से की गई कि खुद आलम सिंह को भी इसकी जानकारी
तब हुई जब उन्हें आनन-फानन वज्र वाहन पर बैठाकर रवाना कर दिया गया।
मालूम हो कि 24 जनवरी 1996 को रामपुर थाना क्षेत्र के जमालापुर तिराहा पर मारुति वैन सवार हमलावरों ने एके-47 से गोलियों की तड़तड़ाहट कर पूर्व ब्लाक प्रमुख कैलाश दुबे, टीडीपीजी कालेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार सिंह और बांकेलाल तिवारी को मौत के घाट उतार दिया था। सूबे को दहला देने वाली इस घटना में माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी, नेवढि़या के काजीहद गांव निवासी सपा नेता गजराज सिंह और उनके पुत्र आलम सिंह आरोपित किए गए थे। मुकदमा विचाराधीन रहने के दौरान ही गजराज सिंह का देहांत हो गया था। जिला अदालत ने आलम सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। वहीं प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। सूत्र बताते हैं आलम सिंह जिला कारागार में बंदियों की गुटबंदी में संलिप्त होने के साथ ही अराजकता फैलाने की साजिश में संलिप्त था। ऐसी रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने उसे केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
मालूम हो कि 24 जनवरी 1996 को रामपुर थाना क्षेत्र के जमालापुर तिराहा पर मारुति वैन सवार हमलावरों ने एके-47 से गोलियों की तड़तड़ाहट कर पूर्व ब्लाक प्रमुख कैलाश दुबे, टीडीपीजी कालेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार सिंह और बांकेलाल तिवारी को मौत के घाट उतार दिया था। सूबे को दहला देने वाली इस घटना में माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी, नेवढि़या के काजीहद गांव निवासी सपा नेता गजराज सिंह और उनके पुत्र आलम सिंह आरोपित किए गए थे। मुकदमा विचाराधीन रहने के दौरान ही गजराज सिंह का देहांत हो गया था। जिला अदालत ने आलम सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। वहीं प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। सूत्र बताते हैं आलम सिंह जिला कारागार में बंदियों की गुटबंदी में संलिप्त होने के साथ ही अराजकता फैलाने की साजिश में संलिप्त था। ऐसी रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने उसे केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
