क्रूर, वीभत्स व उत्तेजनापूर्ण घटना रहा जलियावाला बाग नरसंहारः मिथलेश नारायण
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जौनपुर।
भारत के स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास में वैशाखी के पवित्र दिन 13 अप्रैल
1919 को अमृतसर का जलियावाला बाग नरसंहार क्रूर, वीभत्स व उत्तेजनापूर्ण
घटना थी जिसने न केवल भारत के जनमानस को उद्वेलित, कुपित व आंदोलित किया,
अपितु ब्रिटिश शासन की नींव भी हिला दी। उक्त बातें प्रख्यात राष्ट्रीय
चिंतक व विचारक एवं गंगा समग्र के केन्द्रीय सचिव मिथलेश नारायण ने
राष्ट्रीय सिख संगत जौनपुर के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में कही। यह
कार्यक्रम जलियावाला बाग के प्रेरणादाई बलिदानियों की स्मृति में ‘प्रणाम
शहीदां नूं’ विषयक श्रद्धांजलि समारोह रहा जहां श्री नारायण बतौर मुख्य
वक्ता रहे। श्री गुरू तेग बहादुर बाल विद्यालय रासमण्डल के सभागार में
आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम भारत माता के चित्र के समक्ष दीप
प्रज्ज्वलन करके पुष्पांजलि दी गयी। तत्पश्चात् डा. सुभाष बिश्नोई द्वारा
वंदेमातरम गीत हुआ जिसके बाद अतिथियों का परिचय प्रज्ञा प्रवाह के जिला
संयोजक संतोष त्रिपाठी ने कराया। इसके बाद कार्यक्रम संयोजक सरदार मनमोहन
सिंह, सह संयोजक सरदार सतवंत सिंह एडवोकेट व दिनेश सेठी ने अतिथियों को
स्मृति चिन्ह और सरदार तेजा सिंह ने अंगवस्त्रम प्रदान करके सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं अवकाशप्राप्त उपनिरीक्षक नरेन्द्र कौर
भाटिया ने कहा कि जलियावाला बाग सभी देशभक्तों के लिये एक प्रेरणादाई तीर्थ
बन गया है। विशिष्ट वक्ता प्रांत कार्यवाह बांके लाल यादव ने कहा कि
जालियावाला बाग की ऐतिहासिक घटना का यह शताब्दी वर्ष है। हम सबका यह
कर्तव्य है कि बलिदान की अमरगाथा देश के हर कोने-कोने तक पहुंचे। समाजसेवी
दीपक चिटकारिया व प्रीति गुप्ता ने कहा कि देश में ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं से
सबक लेते हुये ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये हमें निरंतर
सक्रिय रहना चाहिये। कार्यक्रम संयोजक सरदार मनमोहन सिंह ने अतिथियों के
प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पंजाबी अकेडमी
के सदस्य सरदार जसविंदर सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से
हुआ। इस अवसर पर विभाग कार्यवाह शिव प्रकाश मौर्य, नगर संघचालक धर्मवीर
मोदनवाल, नगर कार्यवाह नारायण दास, रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, डा.
राधेश्याम सिंह, सुधाकर उपाध्याय, सूर्य प्रकाश सिंह, किरण मिश्रा, अंजू
पाठक, डा. विवेक मिश्रा, सरदार हरपाल सिंह, उदय सिंह, सरदार तेजा सिंह, कमल
भाटिया, सुशील सिंह, मनीष सेठी, मनोज तिवारी, संदीप सेठी, दीपक जावा,
जगमेंदर निषाद, शैलेन्द्र निषाद, जयहिन्द गुप्ता, अजय उपाध्याय, अनिल
शुक्ला, सरदार शिशुपाल सिंह, सरदार हरपाल सिंह, शिवांश त्रिपाठी, शिवेश
त्रिपाठी, सारिका सोनी, किरण सिंह, रविन्द्र सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, राम
आसरे सिंह, अरूण मिश्रा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
