राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्तवाधान में मनाया गया संविधान दिवस
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जौनपुर। राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय 26 नवम्बर को संविधान दिवस समारोह राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि श्री एस0पी0 लाल, सेवानिवृत्त ओ0एस0डी0, जिला जज हाई कोर्ट, प्रयागराज एवं विशिष्ट अतिथि श्री जगन्नाथ राम मौर्य, सेवानिवृत्त ज्यूडिशयल, बस्ती रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 विष्णुचन्द्र त्रिपाठी ने किया।
मुख्य अतिथि श्री लाल ने अपने सम्बोधन में कहाकि संविधान ने बिना क्रांति के देश में एकता स्थापित किया। देश की जनता को न्याय सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता राजनीतिक जागरूकता आदि सभी अधिकार संविधान से प्राप्त हुआ। हमारा देश अनेक जातियों, वर्गो में बटा था, लोग एक दूसरे से नफरत और घृणा करते थे। संविधान की कलम से सभी दोषपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया गया। बिना खून खराबा के बिना लड़ाई के संविधान द्वारा सभी दूरियों को समाप्त किया गया। संविधान ने महिलाओ को सम्मान दिया आज आधी आबादी शिक्षा की ओर बढ़ रही है। संविधान से अवसर की समानता मिली, सबको सभी क्षेत्र में सभी प्रकार का अधिकार मिला। हमारा संविधान पुरानी परम्पराओ को समाप्त किया। श्री लाल ने संविधान ने छूआ-छूत, बोलने की आजादी, जीवन सुरक्षा, अधिकारो की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय में सीधे अपील करने का अधिकार प्रदान किया है।
विशिष्ट अतिथि श्री मौर्य ने अपने सम्बोधन में डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर को दूरदर्शी बताया। उन्होने कहाकि संविधान में आजादी विकास, उन्नति, समानता, अधिकार सहित प्रत्येक विषय को वर्णित किया गया है। इससे राष्ट्र मजबूत हुआ है। उन्होने कहाकि अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे के पूरक है, हम जितना कर्तव्य करते जाएंगे हमारा अधिकार उतना ही मजबूत होगा। राजनीतिक नेताओ अपने कर्तव्य के प्रति विमुख होने पर उन्होने चिंता जताई कहाकि जनता को जागरूक होना पडे़गा। श्री मौर्य ने कहाकि संविधान के दुरूपयोग दुर्भाग्यपूर्ण है, इमरजेन्सी का जिक्र करते हुए उन्होने कहाकि यह गलत था, इससे हमें सीख मिली और संविधान में संशोधन किया गया।
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में प्राचार्य डाॅ0 त्रिपाठी ने कहाकि वास्तव में संविधान एक दस्तावेज अथवा शब्दो का संग्रह नहीं बल्कि मानवीय समाज को एक साथ लेकर चलने की व्यवस्था है। डाॅ0 त्रिपाठी ने कहाकि भारतीय संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की देख-रेख में तैयार किया गया, जिसे बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा। निश्चित ही भारत का संविधान दुनिया के सभी संविधानो से सर्वश्रेष्ठ है।
अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ0 लाल साहब यादव ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और नागरिको के मौलिक कर्तव्यों के प्रति सचेत किया।
इसके पूर्व छात्राओ द्वारा सरस्वती वन्दना एवं अतिथियो द्वारा दीप प्रज्जवलन, सरस्वती जी के चित्र पर माल्र्यापण किया गया एवं छात्राओ द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 संतोष कुमार पाण्डेय ने किया।
धन्यवाद महाविद्यालय शिक्षका संघ अध्यक्ष डाॅ0 मनोज वत्स एवं आभार राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 रागिनी राय ने ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 विजय प्रताप तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 श्यामसुन्दर उपाध्याय, डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला, डाॅ0 अभय प्रताप सिंह, डाॅ0 सुधाकर शुक्ला, डाॅ0 गोलोकजा कृष्ण द्विवेदी, डाॅ0 चन्द्राम्बुज कश्यप, डाॅ0 ओमप्रकाश शाही, प्रधानाचार्य अशोक इण्टर कालेज, जौनपुर, डाॅ0 मृत्युन्जय मिश्रा, डाॅ0 गंगाधर शुक्ला, संजय सिंह कार्यालय अधीक्षक, सुधाकर मौर्य, लेखाकार,, परमजीत अनिल यादव, संतोष शुक्ला, कपिल सोनकर, वन्दना, रानी विश्वकर्मा, सत्यम सुन्दरम मौर्य, रागिनी, रोशनी सहित समस्त कर्मचारी व छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री लाल ने अपने सम्बोधन में कहाकि संविधान ने बिना क्रांति के देश में एकता स्थापित किया। देश की जनता को न्याय सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता राजनीतिक जागरूकता आदि सभी अधिकार संविधान से प्राप्त हुआ। हमारा देश अनेक जातियों, वर्गो में बटा था, लोग एक दूसरे से नफरत और घृणा करते थे। संविधान की कलम से सभी दोषपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया गया। बिना खून खराबा के बिना लड़ाई के संविधान द्वारा सभी दूरियों को समाप्त किया गया। संविधान ने महिलाओ को सम्मान दिया आज आधी आबादी शिक्षा की ओर बढ़ रही है। संविधान से अवसर की समानता मिली, सबको सभी क्षेत्र में सभी प्रकार का अधिकार मिला। हमारा संविधान पुरानी परम्पराओ को समाप्त किया। श्री लाल ने संविधान ने छूआ-छूत, बोलने की आजादी, जीवन सुरक्षा, अधिकारो की रक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय में सीधे अपील करने का अधिकार प्रदान किया है।
विशिष्ट अतिथि श्री मौर्य ने अपने सम्बोधन में डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर को दूरदर्शी बताया। उन्होने कहाकि संविधान में आजादी विकास, उन्नति, समानता, अधिकार सहित प्रत्येक विषय को वर्णित किया गया है। इससे राष्ट्र मजबूत हुआ है। उन्होने कहाकि अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे के पूरक है, हम जितना कर्तव्य करते जाएंगे हमारा अधिकार उतना ही मजबूत होगा। राजनीतिक नेताओ अपने कर्तव्य के प्रति विमुख होने पर उन्होने चिंता जताई कहाकि जनता को जागरूक होना पडे़गा। श्री मौर्य ने कहाकि संविधान के दुरूपयोग दुर्भाग्यपूर्ण है, इमरजेन्सी का जिक्र करते हुए उन्होने कहाकि यह गलत था, इससे हमें सीख मिली और संविधान में संशोधन किया गया।
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में प्राचार्य डाॅ0 त्रिपाठी ने कहाकि वास्तव में संविधान एक दस्तावेज अथवा शब्दो का संग्रह नहीं बल्कि मानवीय समाज को एक साथ लेकर चलने की व्यवस्था है। डाॅ0 त्रिपाठी ने कहाकि भारतीय संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की देख-रेख में तैयार किया गया, जिसे बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा। निश्चित ही भारत का संविधान दुनिया के सभी संविधानो से सर्वश्रेष्ठ है।
अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ0 लाल साहब यादव ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और नागरिको के मौलिक कर्तव्यों के प्रति सचेत किया।
इसके पूर्व छात्राओ द्वारा सरस्वती वन्दना एवं अतिथियो द्वारा दीप प्रज्जवलन, सरस्वती जी के चित्र पर माल्र्यापण किया गया एवं छात्राओ द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 संतोष कुमार पाण्डेय ने किया।
धन्यवाद महाविद्यालय शिक्षका संघ अध्यक्ष डाॅ0 मनोज वत्स एवं आभार राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 रागिनी राय ने ज्ञापित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 विजय प्रताप तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 श्यामसुन्दर उपाध्याय, डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला, डाॅ0 अभय प्रताप सिंह, डाॅ0 सुधाकर शुक्ला, डाॅ0 गोलोकजा कृष्ण द्विवेदी, डाॅ0 चन्द्राम्बुज कश्यप, डाॅ0 ओमप्रकाश शाही, प्रधानाचार्य अशोक इण्टर कालेज, जौनपुर, डाॅ0 मृत्युन्जय मिश्रा, डाॅ0 गंगाधर शुक्ला, संजय सिंह कार्यालय अधीक्षक, सुधाकर मौर्य, लेखाकार,, परमजीत अनिल यादव, संतोष शुक्ला, कपिल सोनकर, वन्दना, रानी विश्वकर्मा, सत्यम सुन्दरम मौर्य, रागिनी, रोशनी सहित समस्त कर्मचारी व छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।

