अपनी मांगों को लेकर दिया नोडल अधिकारी को ज्ञापन
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जौनपुर। विगत दिनों से जनपद में विकास कार्यो की समीक्षा करने आये मुख्य
सचिव ग्राम्य विकास/ प्रतिनिधि मुख्यमंत्री उ०प्र० शासन के० रविन्द्र नायक
को सेतु निर्माण संघर्ष समिति के नेतृत्वकर्ता विकास तिवारी के नेतृत्व
में आज जनपद के केराकत तहसील स्थित विकास खंड में तीन प्रमुख मांगो को लेकर
पत्रक सौपा।
गौरतलब हो कि सूबे के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर प्रदेश के समस्त जनपदों के
विकास कार्यो की समीक्षा कराई जा रही है इसी क्रम में जौनपुर के नोडल
अधिकारी के रूप में जनपदीय समीक्षा हेतु केराकत विकास खण्ड में प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री के० रविन्द्र नायक को तीन प्रमुख मांग जनपद के चार
अर्धनिर्मित सेतु निर्माण, शोध परीक्षा परिणाम में अनियमितता की उच्च
स्तरीय जांच और चोरी छिपे बिक रहे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कैंसर जनित मादक
पदार्थ दोहरा के पूर्णतया बन्दी जैसे तीन प्रमुख मांगो को उनके समक्ष सौप
कर अतिशीघ्र कार्यवाही हेतु मांग किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता विकास तिवारी व सपा नेता अतुल सिंह ने संयुक्त रूप
से कहा कि विगत नौ वर्षो से अर्धनिर्मित सेतु पर शासन प्रसाशन की घोर
लापरवाही के कारण कार्य बाधित है जिसे लेकर कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर कई बार
विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया गया लेकिन बार बार शासन का ध्यानाकृष्ट कराने
के बावजूद भी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नही की जा रही है विगत
दिनों प्रमुख सचिव से मिलकर इस मुद्दे पर विधिवत चर्चा भी हुई थी लेकिन फिर
भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही नही की गई। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जौनपुर
द्वारा दिनाँक 18 जनवरी 2018 से जनपद जौनपुर में दोहरा के विनिर्माण,
भंडारण, हथालन और विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया लेकिन लघु उद्योग
का रूप ले चुका जानलेवा खाद्य मादक पदार्थ दोहरा का व्यापार वृहद रूप ले
चुका है और प्रशासन की मिली भगत से बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से विक्रय किया जा
रहा है जिस पर आयुक्त ग्राम विकास ने आश्वाशन दिया कि अविलम्ब दोहरा के
बिक्री पर रोक लगाने व अर्धनिर्मित सेतु के यथाशीघ्र निर्माण हेतु आवश्यक
कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए उन्होंने सायं 4 बजे संबंधित विभाग के
अधिकारियों की बैठक हेतु कड़े शब्दों में आदेश किया है।
पीएचडी संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधित्वकर्ता दिव्यप्रकाश सिंह ने
कहा कि वीर बहादुर सिंह पुर्वांचल विश्विद्यालय द्वारा कराये गए शोध
परीक्षा परिणाम में पैसे का खूब खेल किया गया जिससे लगभग 200 अभ्यर्थियों
का भविष्य अधर में फसा हुआ है जिसे लेकर विगत 2 माह से लगातार विरोध
प्रदर्शन किया गया लेकिन तानाशाह कुलपति के ऊंची पहुच द्वारा बड़े पैमाने पर
घोटाले को दबा दिया गया। उन्होंने प्रमुख सचिव से आग्रह पूर्वक मांग करते
हुए कहा कि उक्त प्रकरण महामहिम राज्यपाल व सूबे के मुख्यमंत्री महोदय के
संज्ञान में डालकर अतिशीघ्र उच्च स्तरीय जांच कराने हेतु कार्यवाही की जाय
जिससे हम पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
इस अवसर पर चंद्रजीत सरोज,आलोक राय,कुलदीप यादव,निश्चय तिवारी,नीरज
यादव,संदीप कुमार,सोनू यादव,रुद्रेश त्रिपाठी रुद्र,विपिन सिंह समेत
प्रतिनिधिमंडल के तमाम सदस्य उपस्थित रहे।

