हमारे संविधान में मूल अधिकार हैं तो मौलिक कर्तव्य भी है: राजन तिवारी
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जौनपुर। संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के 125वें
जयंती वर्ष के रूप में 26 नवम्बर 2015 से संविधान दिवस मनाया जाता रहा है।
संविधान सभा ने भारत के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर
1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया। गणतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950
से संविधान अमल में लाया गया ।
दीवानी न्यायालय के
अधिवक्ता राजन तिवारी ने सिविल लाइंस स्थित अपने निजी आवास पर संविधान दिवस
मनाते हुए कहां कि अब यह हमारा सवोर्च्च राष्ट्रीय दायित्व है कि हम अपने
व्यक्तिगत और सामुदायिक जीवन में संविधान की भावना के प्रति ईमानदार रहे।
श्री तिवारी ने कहा की हमें अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी
बनाए रखनी चाहिए, संवैधानिक निकायों और प्रक्रियाओं में विश्वास करना
चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए।
संविधान दिवस पर
हम हमारे संविधान सभा में सेवा देने वाले महान लोगों के शानदार योगदान को
गर्व के साथ याद करते हैं। हमें हमारे संविधान पर गर्व है ।
राजन
तिवारी ने बैठक में शामिल तमाम युवा अधिवक्ताओं से अपील किया कि हफ्ते में
एक दिन समय निकालकर अपने तहसील,ब्लाक में मुफ्त विधिक सेवा प्रदान करनी
चाहिए इससे समाज सेवा भी होगी और समाज में अच्छा उद्देश्य जाएगा ।
उक्त
बैठक में अरुण कुमार पांडे ,शैलेंद्र सिंह ,रमाशंकर पाठक, योगेंद्र यादव,
लालमणि यादव,ओम प्रकाश दुबे,मनोज कुमार मिश्रा,अभिषेक शुक्ला,यादवेंद्र
मिश्रा, आदि अधिवक्ता मौजूद रहे ।

