पराली जलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
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जौनपुर । पर्यावरण संरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुक्रम में किसानों द्वारा पराली जलाने को लेकर किसानों पर शासन-प्रशासन की सख्ती बढ़ती जा रही है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सतत् प्रयत्नशील प्रभारी निरीक्षक सरपतहां विजय कुमार चैरसिया द्वारा स्थानीय थाना क्षेत्र के पट्टीनरेन्द्रपुर,चन्दौली आदि गांवों में किसान एवं क्षेत्रीय प्रबुद्ध लोगों की उपस्थिति में आवश्यक बैठक आयोजित की गई जिसमें लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ हीं खेतों में अपशिष्ट जलाने को लेकर सख्त हिदायत दी गयी। उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि खेत में पराली जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले किसानों पर कठोरतम कार्रवाई की जायेगी, पराली जलाने वालो की सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जा रही है,ऐसे किसानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ पोल्यूशन एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। खेतों में पराली जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों से जुर्माना भी वसूला जाएगा। पराली जलाने से हो रहे दुष्प्रभावों के विषय में बताते हुए कहा कि पराली जलाने से जहरीली गैसें कार्बन मोनोआक्साइड लाल कणों से क्रिया करके खून की आक्सीजन ले जाने की क्षमता घटाती हैं। इसके साथ ही कार्बन डाइआक्साइड आंखों तथा सांस की नली में जलन पैदा करती है। यदि किसी भी ग्राम पंचायत में पराली जलाने की घटना प्रकाश में आती है, तो तत्काल हमें सूचित करें। लोगों के सहयोग एवं जागरूकता से हम पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। उपनिरीक्षक राम नारायण गिरी ने पराली जलाने से हो रहे दुष्प्रभावों के विषय में किसानों को बताया। उपनिरीक्षक सुधीर कुमार ने कहा कि खेतों में अपशिष्ट जलाने से जहां एक ओर इससे हो रहे प्रदूषण का दुष्प्रभाव मानव शरीर में खून, त्वचा तथा श्वसन क्रिया पड़ता है वहीं दूसरी ओर वन्य जीवों और पशु पक्षियों के जीवन के लिए भी विनाशकारी है। बैठक में किसान,भूस्वामी, ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे ।

