डीएम की कार्यप्रणाली से शिक्षक खुश,बोले कायाकल्प योजना पर डीएम का बल देना बेहतर कदम
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जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह लगातार गांवो में जाकर प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई लिखाई,सफाई और विकास कार्यो का औचक निरीक्षण करके जमीनी हकीकत से रू ब रू हो रहे है। खामियां मिलने पर जिम्मेदारों को चेतवानी नही बल्कि सीधे कार्यवाही कर रहे है। डीएम के इस तेवर से जहां स्कूल न जाने वाले शिक्षको में हड़कंप मच गया है वही प्रतिदिन समय से स्कूल पहुंचकर बच्चो को शिक्षा देने वालों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। शिक्षको का कहना है कि पहले ऐसे जिलाधिकारी आये है जो प्राथमिक विद्यालयों के साथ साथ गांवो में सरकार द्वारा जनहित में चलायी जा रही सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कर रहे है। जिसका परिणाम है कि अब सुबह स्कूल खुलते ही सफाई कर्मचारी पहुंचकर साफ सफाई कर रहा है। डीएम का कायाकल्प योजना पर जोर देना भी अध्यापक खुब सराहना कर रहे है।
डीएम दिनेश कुमार सिंह जिले की कमान सम्भालने के बाद से ही प्राथमिक शिक्षा, स्वच्छता अभियान,प्रधानमंत्री आवास योजना,स्वस्थ्य समेत अन्य विकास की योजनाओं पर विशेष निगाह रखे हुए है। वे प्रतिदिन किसी न किसी गांवो में औचक निरीक्षण करके इन सभी योजनाओ की जमीनी हकीकत देख रहे है। अब तक स्कूल न जाने वाले करीब एक दर्जन अध्यापको को निलंबित करा चुके है कई सफाई कर्मचारियों को सस्पेड कर चुके है। सबसे बड़ा कदम रहा कि डीएम,सीडीओ,डीपीआरओ समेत वाराणसी और लखनऊ में बड़े अफसरो के यहां सम्बंध किये गये सफाई कर्मचारियों की सम्बधता समाप्त करके उन्हे अपने तैनाती गांवों में जाकर सफाई करने का आदेश दिया है। डीएम के कठोर कदम से स्कूल न जाने वाले शिक्षको में हड़कंप मच गया है। वही नियमित स्कूल जाने वाले शिक्षको में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। खुटहन ब्लाक में तैनात प्रधानाध्यापक अखिलेश त्रिपाठी समेत तमाम शिक्षको ने डीएम के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिलाधिकारी का स्कूलो का कायाकल्प योजना सबसे बेहतर है। इस योजना के माध्यम से जहां स्कूलो की इमारते चमकेगीं वही स्वच्छ माहौल में हम लोगों बच्चो शिक्षा देने का अवसर प्राप्त होगा।
डीएम दिनेश कुमार सिंह जिले की कमान सम्भालने के बाद से ही प्राथमिक शिक्षा, स्वच्छता अभियान,प्रधानमंत्री आवास योजना,स्वस्थ्य समेत अन्य विकास की योजनाओं पर विशेष निगाह रखे हुए है। वे प्रतिदिन किसी न किसी गांवो में औचक निरीक्षण करके इन सभी योजनाओ की जमीनी हकीकत देख रहे है। अब तक स्कूल न जाने वाले करीब एक दर्जन अध्यापको को निलंबित करा चुके है कई सफाई कर्मचारियों को सस्पेड कर चुके है। सबसे बड़ा कदम रहा कि डीएम,सीडीओ,डीपीआरओ समेत वाराणसी और लखनऊ में बड़े अफसरो के यहां सम्बंध किये गये सफाई कर्मचारियों की सम्बधता समाप्त करके उन्हे अपने तैनाती गांवों में जाकर सफाई करने का आदेश दिया है। डीएम के कठोर कदम से स्कूल न जाने वाले शिक्षको में हड़कंप मच गया है। वही नियमित स्कूल जाने वाले शिक्षको में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। खुटहन ब्लाक में तैनात प्रधानाध्यापक अखिलेश त्रिपाठी समेत तमाम शिक्षको ने डीएम के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिलाधिकारी का स्कूलो का कायाकल्प योजना सबसे बेहतर है। इस योजना के माध्यम से जहां स्कूलो की इमारते चमकेगीं वही स्वच्छ माहौल में हम लोगों बच्चो शिक्षा देने का अवसर प्राप्त होगा।

