महालक्ष्मी ज्वेलर्स कांड में आरोपी के पिता ने किया सनसनीखेज खुलासा ,

जौनपुर। एसपी आफिस के ठीक पीछे हुए ज्वेलर्स लूटकाण्ड के पर्दाफास पर सवालियां निशान लगने लगा है। इस सनसनीखेज वारदात में आरोपी बनाये गये ब्लाक प्रमुख के पिता ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने बेटे को बेगुनाह होने का प्रमाण देते हुए पूरे मामले की सीबीसीआइडी जांच की मांग किया है।
लाइनबाजार थाना क्षेत्र स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में लूटकांड  में आरोपियों के बयान से प्रकाश में आए आरोपी मुफ्तीगंज के ब्लाक प्रमुख विनय सिंह के पिता वीरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री,मानवाधिकार आयोग व डीजीपी को दीवानी न्यायालय से फैक्स कर मामले की सीबीसीआईडी जांच कराए जाने की मांग किया है तथा कहा है कि उनका बेटा विवेचना में पूर्ण सहयोग करेगा।4 पन्ने की दरखास्त में सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं जिससे पुलिस द्वारा घटना के खुलासे पर प्रश्न चिन्ह लगता प्रतीत होता है।
ब्लाक प्रमुख विनय के पिता वीरेंद्र प्रताप बीएड विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजी गई दरखास्त में हवाला लिया है कि उनका बेटा विनय 23 अक्टूबर व 24 अक्टूबर को पूरे दिन भाजपा के पद यात्रा कार्यक्रम में मौजूद था जिसमें सांसद बीपी सरोज,विधायक दिनेश चौधरी आदि भी थे। रात में ग्राम सूचित पुर में ठहराव का कार्यक्रम था विनय के साथ दो गाड़ियां थी। उसकी काली स्कॉर्पियो नंबर यूपी 32 एफ वी 8166 सूचित पुर में ही गड्ढे में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई तथा 25 अक्टूबर को वाराणसी स्थित वकील डेंटर व अजीम पेंटर के यहां रिपेयरिंग के उद्देश्य से रही।25 नवंबर 2019 को पुलिस द्वारा स्कॉर्पियो वाराणसी से प्रिंटर के यहां से लाया गया और पुलिस चौकी सिविल लाइन जौनपुर में रखा गया जिस पर नंबर प्लेट लगी है और डेटिंग के निशान मौजूद है।पुलिस की थ्योरी है कि आरोपी लूट कांड के बाद मोटरसाइकिल से भागे थे तथा रास्ते में इसी काली स्कॉर्पियो में लूट का सारा सामान रखा गया था और आरोपी सतीश को साढे़ तीन लाख रुपए अन्य आरोपियों को देने को कहा गया और यह भी कहा गया कि बाद में जब गहने वगैरह बेचे जाएंगे तो बाकी रुपयों का इमानदारी से बंटवारा होगा।घटना 31 अक्टूबर 2019 की रात 9:00 बजे की है जबकि गाड़ी 24 अक्टूबर से ही दुर्घटनाग्रस्त थी।उनका बेटा विनय ब्लाक प्रमुख के अलावा शिवाय टेक्सटाइल नाम की कंपनी चलाता है जिसमें 5-6 करोड़ का प्रतिवर्ष का टर्नओवर है रियल स्टेट व ईट भट्टे का भी संचालन किया जाता है।आयकर दाता भी है।जिसका करोड़ों का टर्नओवर होगा उसके द्वारा एक करोड़ की लूट कांड की साजिश रचना हास्यास्पद है।25 अक्टूबर को विनय अपने घर पर मौजूद रहा और 5:35 बजे स्पाइसजेट फ्लाइट से बाबतपुर से मुंबई के लिए चला गया और तभी से मुंबई स्थित अपने आवास रामदेव धाम सोसाइटी कमरा नंबर 102 ए1 7 स्क्वायर स्कूल के पीछे मीरा रोड ईस्ट मुंबई में रह रहा है और वर्तमान में भी वहीं दिनांक 25 अक्टूबर से अब तक रह रहा है।सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।31 अक्टूबर 2019 की शाम विनय अपने परिवार के साथ 9:30 बजे फ्लैट से बाहर निकलकर मार्केटिंग करने गया जिसकी सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्डिंग है जो सिक्योरिटी गार्ड के पास मौजूद है।1 नवंबर 2019 को मुंबई के मीरा रोड पर आईडीबीआई बैंक में केवाईसी जमा करने गया। रात्रि 10:30 बजे यूनियन बैंक के एटीएम कार्ड से लेनदेन किया।दोनों की सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग देखी जा सकती है। विनय जिन दो मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता है उसकी लोकेशन व काल डिटेल से भी बातों को तस्दीक किया जा सकता है।15 नवंबर 2019 को पुलिस ने अंबरीश सिंह व अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया।साहब लाल की भी गिरफ्तारी दिखाई गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों के बयान से अन्य अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आया।मऊ के चिरैयाकोट में पुलिस ने 21 नवंबर 2019 को राहुल राजभर,प्रदीप यादव और यादव को अवैध असलहों के साथ गिरफ्तार किया।पुलिस के अनुसार इन तीनों ने भी स्वयं को महालक्ष्मी ज्वेलर्स लूट कांड में शामिल होने का पुलिस को बयान दिया लेकिन हैरत की बात है कि यहां पर गिरफ्तार अभियुक्तों ने मऊ के आरोपियों का नाम और मऊ में गिरफ्तार आरोपियों ने यहां पर गिरफ्तार आरोपियों का नाम अपने बयान में पुलिस को नहीं बताया।जिससे स्पष्ट है की पुलिस जब लूट कांड में शामिल वास्तविक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही तो सब शाबाशी लेने और फर्जी ढंग से घटना का पर्दाफाश करने में विनय व अन्य लोगों को फंसा रही है।विनय के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति के विनय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की साजिश में विनय का राजनीतिक कैरियर तबाह करने और जनता की निगाह में नीचा दिखाने के उद्देश्य एसपी द्वारा विनय को फंसा कर इनानिया घोषित कर हत्या की साजिश रची जा रही है।31 अक्टूबर 2019 की घटना की साजिश दीवानी न्यायालय में होना दर्शाया जा रहा है जबकि 31 अक्टूबर को वह दीवानी न्यायालय के आसपास भी उपस्थित नहीं था न ही पुलिस के पास इसका प्रमाण है।

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