गरीबो के लिए बन रही करोड़ो रूपये की बिल्डिंग आज तक अधूरी
https://www.shirazehind.com/2019/12/blog-post_876.html
जौनपुर। ठंड ने दस्तक दे दिया है। तमाम गरीब-गुरबे, मजदूर, रिक्शा चालक रात फुटपाथ पर ठिठुर कर बिता रहे हैं, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी कहीं भी अस्थाई रैन बसेरा नहीं बन सका है। वहीं चार साल पूर्व नगर में बेसहारा व गरीबों को राहत देने के लिए जौनपुर जंक्शन के समीप बेशकीमती जमीन अधिग्रहित कर रैन बसेरा का निर्माण शुरू हुआ लेकिन अभी तक वह पूरा नहीं हो सका है। जिसका कारण कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी व उदासीनता बताई जा रही है। यही नहीं प्रशासन द्वारा अभी तक न तो कंबल वितरित किया गया और न ही अलाव के ठोस इंतजाम किए गए हैं।
VO - 1 डूडा की तरफ से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत मीरपुर धरनीधरपुर में सौ बेसहारों को रहने के लिए रैन बसेरा बनाया जा रहा है। यह पूरा निर्माण कार्य 3.5 करोड़ की लागत से हो रहा है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को बनाया गया है। निर्माण कार्य मार्च 2018 तक पूरा हो जाना था लेकिन इसमें ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल, द्वितीय तल ही बनकर तैयार हो सका है। इसमें अभी वायरिग आदि का काम बाकी है। इस लिहाज से अभी तक 75 फीसद ही काम पूरा हो सका है। डूडा की तरफ से कार्यदायी संस्था को 80 फीसद का भुगतान भी किया जा चुका है लेकिन अभी काम काफी बाकी है।
VO - 1 डूडा की तरफ से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत मीरपुर धरनीधरपुर में सौ बेसहारों को रहने के लिए रैन बसेरा बनाया जा रहा है। यह पूरा निर्माण कार्य 3.5 करोड़ की लागत से हो रहा है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को बनाया गया है। निर्माण कार्य मार्च 2018 तक पूरा हो जाना था लेकिन इसमें ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल, द्वितीय तल ही बनकर तैयार हो सका है। इसमें अभी वायरिग आदि का काम बाकी है। इस लिहाज से अभी तक 75 फीसद ही काम पूरा हो सका है। डूडा की तरफ से कार्यदायी संस्था को 80 फीसद का भुगतान भी किया जा चुका है लेकिन अभी काम काफी बाकी है।

