डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ब्लाक मुख्यालय का किया निरीक्षण , खामियां मिलने पर लगाई फटकार
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जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं विकास खण्ड कार्यालय मुफ्तीगंज का औचक निरीक्षण किया गया।
सीएचसी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दवा वितरण कक्ष, पैथोलॉजी
कक्ष, टेलीमेडिसिन कक्ष, स्टोर रूम, महिला वार्ड का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने चिकित्सक डा0 जावेद खान से पूछा कि अभी तक कितने मरीज उनके
द्वारा देखे गए है जिस पर डा. खान ने बताया कि 25 मरीज देखे गए है। रजिस्टर
पर मरीजों का मोबाइल नंबर, क्रम संख्या अंकित न होने पर नाराजगी व्यक्त
करते हुए अंकित करने का निर्देश दिया। पैथोलॉजी कक्ष के निरीक्षण के दौरान
लैब टेक्नीशियन संजय सिंह से पूछा कि अभी तक टीवी के कितने मरीजों की पहचान
हुई है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि 02 मरीजों की पहचान की गयी है ।
जिलाधिकरी ने काजल पत्नी सतीश कुमार निवासी कदहरा से पूछा कि डिलीवरी के
दौरान किसी भी प्रकार का अतिरिक्त पैसा स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा लिया गया
है कि नहीं, जिस पर काजल द्वारा बताया गया कि किसी भी प्रकार का अतिरिक्त
पैसा नहीं लिया गया है। उन्होने लोगों से अनुरोध किया गया कि अपने आस-पास
के लोगों को बताएं कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर अपना इलाज कराएं, यहां पर
सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने मनदेई देवी से पूछा कि यहां पर किसी भी प्रकार की समस्या तो नहीं होती। डाक्टर समय से बैठते एवं इलाज करते है कि नही, जिस पर उन्होंने कहा कि डा0 के द्वारा सही से इलाज किया जाता है। जिलाधिकारी ने सफाई कर्मचारी को अस्पताल की सफाई करने का निर्देश दिया। चिकित्सा अधीक्षक डा0 श्रवण यादव को निर्देश दिया कि प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी कराने वाले लोगों से जानकारी ले कि किस वजह से वह सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर डिलीवरी न कराकर प्राइवेट अस्पतालों में गए साथ ही एक महीने के भीतर स्वास्थ्य केंद्र का कायाकल्प करने का निर्देश दिया।
विकास खण्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कर्मचारियों की जीपीएफ पासबुक एवं सर्विस बुक देखा गया। ग्राम विकास अधिकारी हवलदार यादव की सर्विस बुक में विवरण पूर्ण न भरे जाने पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा अहन गांव में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच डीसी मनरेगा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं एई. डीआरडीए से कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मौके पर कराए गए कार्यों को देखें तथा मजदूरों का खाता भी चेक करें कि पैसे खाते में भेजे गए हैं कि नहीं और इन सब की रिपोर्ट 10 दिसम्बर 2019 तक के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करे। जिलाधिकारी ने निरीक्षण कि दौरान पाया कि 52 ग्राम पंचायतों में 25 ऐसी ग्राम पंचायत हैं जिसमें मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्य कार्य पूर्ण नहीं हुये है तथा कुछ ऐसे गांव हैं जहां पर कार्य शुरू ही नहीं हुआ। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी निर्देश दिया कि कार्यो को पूर्ण कराएं तथा जो भी रोजगार सेवक कार्य कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं उन्हें तत्काल हटाए। उन्होंने कहा खण्ड विकास अधिकारी लगातार इसकी मानीटीरिंग करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि 03 अस्थाई पशु आश्रय बनाए जा रहे हैं जिसमें निराश्रित पशुओं को ले जाकर रखा जायेगा। पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि गौशालाओं में जाकर पशुओं का इलाज भी करते रहे। सुरेला गांव में निराश्रित गोवंश पशुओं की ज्यादा शिकायत होने पर एसडीएम को निर्देशित किया कि आज ही टीम बनाकर गांव में जमीन का चिन्हाकंन कर ले। उन्हाने कहा कि विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन, शादी अनुदान के आने वाले आवेदन की रिपोर्ट तत्काल लगाये। गार्ड फाइल न बने होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लेखाकार नीलेश सिंह को निर्देश दिया 10 दिसम्बर 2019 तक गार्ड फाइल बनाकर कैंप कार्यालय में प्रस्तुत करें। खण्ड विकास अधिकारी सुरेन्द्र बहादुर सिंह को निर्देशित किया कि जन्म- मृत्यु प्रमाणपत्र निर्गत करने की मॉनिटरिंग प्रत्येक दिन करें।
जिलाधिकारी ने मनदेई देवी से पूछा कि यहां पर किसी भी प्रकार की समस्या तो नहीं होती। डाक्टर समय से बैठते एवं इलाज करते है कि नही, जिस पर उन्होंने कहा कि डा0 के द्वारा सही से इलाज किया जाता है। जिलाधिकारी ने सफाई कर्मचारी को अस्पताल की सफाई करने का निर्देश दिया। चिकित्सा अधीक्षक डा0 श्रवण यादव को निर्देश दिया कि प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी कराने वाले लोगों से जानकारी ले कि किस वजह से वह सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर डिलीवरी न कराकर प्राइवेट अस्पतालों में गए साथ ही एक महीने के भीतर स्वास्थ्य केंद्र का कायाकल्प करने का निर्देश दिया।
विकास खण्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कर्मचारियों की जीपीएफ पासबुक एवं सर्विस बुक देखा गया। ग्राम विकास अधिकारी हवलदार यादव की सर्विस बुक में विवरण पूर्ण न भरे जाने पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा अहन गांव में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच डीसी मनरेगा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं एई. डीआरडीए से कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मौके पर कराए गए कार्यों को देखें तथा मजदूरों का खाता भी चेक करें कि पैसे खाते में भेजे गए हैं कि नहीं और इन सब की रिपोर्ट 10 दिसम्बर 2019 तक के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करे। जिलाधिकारी ने निरीक्षण कि दौरान पाया कि 52 ग्राम पंचायतों में 25 ऐसी ग्राम पंचायत हैं जिसमें मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्य कार्य पूर्ण नहीं हुये है तथा कुछ ऐसे गांव हैं जहां पर कार्य शुरू ही नहीं हुआ। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी निर्देश दिया कि कार्यो को पूर्ण कराएं तथा जो भी रोजगार सेवक कार्य कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं उन्हें तत्काल हटाए। उन्होंने कहा खण्ड विकास अधिकारी लगातार इसकी मानीटीरिंग करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि 03 अस्थाई पशु आश्रय बनाए जा रहे हैं जिसमें निराश्रित पशुओं को ले जाकर रखा जायेगा। पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि गौशालाओं में जाकर पशुओं का इलाज भी करते रहे। सुरेला गांव में निराश्रित गोवंश पशुओं की ज्यादा शिकायत होने पर एसडीएम को निर्देशित किया कि आज ही टीम बनाकर गांव में जमीन का चिन्हाकंन कर ले। उन्हाने कहा कि विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन, शादी अनुदान के आने वाले आवेदन की रिपोर्ट तत्काल लगाये। गार्ड फाइल न बने होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लेखाकार नीलेश सिंह को निर्देश दिया 10 दिसम्बर 2019 तक गार्ड फाइल बनाकर कैंप कार्यालय में प्रस्तुत करें। खण्ड विकास अधिकारी सुरेन्द्र बहादुर सिंह को निर्देशित किया कि जन्म- मृत्यु प्रमाणपत्र निर्गत करने की मॉनिटरिंग प्रत्येक दिन करें।

