धारा 307 हटने पर नेपाली ने जुर्म स्वीकारा,हुई 2 माह की सजा,2 माह पूरे होने के कारण छूटा
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जौनपुर। शासन प्रशासन के खेल भी निराले हैं।एक बार तब्लीगी जमातियों पर धारा 307 यह कहते हुए लगाई गई थी कि ये छुपकर पूरे देश में संक्रमण फैला रहे हैं जिससे दूसरों का जीवन संकट में डाल रहे है।इसी आधार पर आरोपियों की जमानत निरस्त हुई।अब शासन के ही निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने धारा 307 हटा कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। नेपाली जमाती तस्लीम ने शुक्रवार को अदालत में जुर्म स्वीकार किया।धाराएं हल्की और सजा कम होने के कारण कोर्ट ने आरोपी को 2 माह की सजा सुनाया।आरोपी ने जेल में पहले ही 2 माह पूरे कर लिए हैं।इस आधार पर वह जेल से छूट गया।सूत्रों की माने तो शासन की मंशा है कि विदेशी जमातियों को उनके देश वापस भेजना है।इस वजह से धारा 307 हटाई गई।बता दें कि कोतवाली पुलिस ने चांद मेडिकल तिराहे पर 3 अप्रैल 2020 को आशिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।आरोपी दिल्ली की जमात से लौट कर आए थे। उन पर लॉक डाउन के उल्लंघन की हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना में नेपाली जमाती तस्लीम का व अन्य आरोपी प्रकाश में आए।जमातियों के ही कारण शुरुआती संक्रमण में वृद्धि को देखते हुए शासन के निर्देश पर धारा 307 आईपीसी लगाई गई लेकिन आरोप पत्र प्रस्तुत करते समय यह धारा हटा दी गई जिससे सजा कम होने के कारण आरोपी छूट गया।इसी प्रकार अन्य विदेशी जमाती भी रिहा हो जाएंगे।

