अधजली लाश छोड़कर भागे परिजन
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जौनपुर। शहर के पंचहटिया स्थित रामघाट पर गुरुवार की शाम मुखाग्नि देने के बाद परिजन भाग गए। इससे घाट पर वृद्ध का शव अधजला पड़ा होने से हड़कंप मचा हुआ है। कोरोना वायरस संक्रमित होने की आशंका पर उसका जिला अस्पताल में सैंपल लिया गया था लेकिन जांच रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है। सूचना देने के बाद भी पुलिस के शुक्रवार की दोपहर तक घाट पर शव के निस्तारण के लिए न पहुंचने से आस-पास के लोगों में आक्रोश रहा।
गुरुवार की शाम एंबुलेंस से रामघाट पर चार लोग वृद्ध का पालीथिन में लिपटा शव लेकर पहुंचे। मौजूद लोगों के पूछने पर बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है। कोरोना संदिग्ध होने के कारण सैंपल लिया गया है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बाद श्मशान घाट स्थित एकांत स्थान पर उन्होंने आनन-फानन चिता बनाई और शव रखकर आग लगाकर चले गए। अधजला शव दूसरे दिन भी जस का तस ही पड़ा रहा। भयवश लोग उधर जाने से कतरा रहे हैं। लोगों में इसे लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है। मालूम हो कि मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के बामी गांव निवासी मृत वृद्ध तीन महीने पहले रोजी-रोटी कमाने की गरज से पंजाब गया था। वहीं लॉकडाउन में फंस जाने के कारण नौ जून को घर आया था। सांस लेने में दिक्कत होने पर स्वजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
गुरुवार की शाम एंबुलेंस से रामघाट पर चार लोग वृद्ध का पालीथिन में लिपटा शव लेकर पहुंचे। मौजूद लोगों के पूछने पर बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है। कोरोना संदिग्ध होने के कारण सैंपल लिया गया है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बाद श्मशान घाट स्थित एकांत स्थान पर उन्होंने आनन-फानन चिता बनाई और शव रखकर आग लगाकर चले गए। अधजला शव दूसरे दिन भी जस का तस ही पड़ा रहा। भयवश लोग उधर जाने से कतरा रहे हैं। लोगों में इसे लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है। मालूम हो कि मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के बामी गांव निवासी मृत वृद्ध तीन महीने पहले रोजी-रोटी कमाने की गरज से पंजाब गया था। वहीं लॉकडाउन में फंस जाने के कारण नौ जून को घर आया था। सांस लेने में दिक्कत होने पर स्वजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

