रामलीला मैदान पर गड्ढे की 'शिराजएहिंद' के खबर का असर
व्यापार मंडल की सक्रियता से आरोपी ने स्वयं पाटा गड्ढा,
रामलीला नाटक समिति ने मंच के ऊपर टिनशेड लगवाया
संजय शुक्ल
केराकत (जौनपुर )। केराकत नगर के 1 सौ 10 वर्ष पुराने रामलीला मैदान पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गड्ढा खोदे जाने की खबर और रामलीला नाटक समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन का असर तुरंत देखने को मिला। स्थानीय व्यापार मंडल ने सक्रियता दिखाते हुए मैदान में बने गड्ढे को भरवा दिया।गड्ढा की खबर जिले की पहली सबसे भरोसेमंद और देश विदेश में पढ़ी जाने वाली न्यूज पोर्टल 'शिराजेहिंद' ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का असर यह हुआ कि उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल की केराकत तहसील इकाई सक्रिय हो गई।
व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, केराकत नगर अध्यक्ष प्रदीप कमलापुरी पिंकू, राजेन्द्र कसौधन, अम्बरीष उपाध्याय, तथा रामलीला समिति से जुड़े वरिष्ठ नागरिक डॉ डीके और वीरेंद्र श्रीवास्तव उर्फ बीरू मास्टर मौके पर पहुंचे और गड्ढा खोदने के तथाकथित आरोपी को समझा बुझाकर गड्ढा पटवा दिया।
व्यापार मंडल का बयान
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने कहा —
"रामलीला मैदान हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इसकी सुरक्षा और देखभाल सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आगे भी किसी समस्या पर हम तत्पर रहेंगे।"
नगर अध्यक्ष प्रदीप कमलापुरी उर्फ पिंकू ने कहा— कि दयाराम ने नाली की साफ सफाई के लिए गड्ढा खोदा था। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से नाली सफाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन नगर के कुछ अवांछनीय तत्वों के गुमराह करने पर नगर पंचायत ने जानबूझकर सफाई नहीं कराई और विवाद बढ़ाया।
दूसरी ओर गड्ढा पटवा दिए जाने से रामलीला नाटक समिति ने अपने मंचन की तैयारियां तेज कर दी हैं। समिति के प्रबंधक सुशील पटवा ने अपने सदस्यों, कलाकारों और अनेक व्यापारियों के सहयोग से मंच के ऊपर टिनशेड लगवाया। इस दौरान संजय कसौधन, सुनील गुप्ता, आकाश गुप्ता, कमला यादव, निलेश सोनकर, राजकुमार सेठ, रामजी जायसवाल, दीपक पटवा, गुड्डू सेठ आदि शामिल रहे।
रामलीला नाटक समिति ने कहा— समय रहते समाधान
रामलीला नाटक समिति के प्रबंधक सुशील पटवा ने कहा कि "गड्ढे की वजह से लोगों की सुरक्षा और रामलीला की तैयारियों पर संकट था। लेकिन समाचार प्रकाशित होने के बाद तत्काल कदम उठाया गया और समस्या का समाधान कर दिया गया।"


