प्रोफेसर मनोज मिश्र को मातृशोक, शिक्षाविदों व सामाजिक जगत में शोक की लहर
नौपेंड़वा (जौनपुर)। बक्शा विकास खंड के चुरावनपुर (तेलीतारा) गांव में रविवार की रात गहरा सन्नाटा छा गया, जब ख्यातिलब्ध चिकित्सक, साहित्यकार एवं जननेता स्वर्गीय डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्र की धर्मपत्नी, समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों से जीवनभर जुड़ी रहीं 95 वर्षीय हीरावती मिश्र का निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय हीरावती मिश्र न केवल एक प्रतिष्ठित परिवार की मुखिया थीं, बल्कि अपने व्यवहार, सादगी और समाज के प्रति समर्पण के लिए भी जानी जाती थीं। वे अपने समय में ग्राम पंचायत चुरावनपुर की लोकप्रिय प्रधान भी रही थीं।
स्व. हीरावती मिश्र के दो पुत्रों में बड़े पुत्र डॉ. अरविंद मिश्र मत्स्य विभाग में उप निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे पुत्र प्रो. डॉ. मनोज मिश्र वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सामाजिक संकाय के संकायाध्यक्ष एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष हैं।
उनकी अंत्येष्टि सोमवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सम्पन्न हुई, जहां परिवारजनों के साथ क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण शोकाकुल रहा। इस अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह, डीआईजी वाराणसी राजेश सिंह, विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण, वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हीरावती मिश्र के निधन की सूचना मिलते ही सुबह से ही उनके गांव में लोगों का तांता लग गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, पत्रकार, शिक्षक, विद्यार्थी और क्षेत्रीय नागरिकों ने उनके आवास पहुँचकर प्रोफेसर मनोज मिश्र सहित परिजनों को ढांढस बंधाया और स्वर्गीय हीरावती मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनका जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। समाजसेवा के प्रति समर्पित उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

