महफ़िल की ख़िताबत करते हुए मौलाना कैस आब्दी गाज़ीपुरी ने मौला अली अलैहिस्सलाम के जीवन, उनके शौर्य, इंसाफ़पसंदी, इल्म, इंसानियत के प्रति लगन और उनके आदर्श व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मौला अली अलैहिस्सलाम का जीवन पूरी इंसानियत के लिए एक आईना है, जिससे सीख लेकर हम समाज में अमन, इंसाफ़ और भाईचारे को मज़बूत कर सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता अल्लन सैय्यद रहे , उन्होंने शिरकत कर मोमनीन को मौला अली अलैहिस्सलाम की विलादत की मुबारकबाद पेश की और लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इमाम अली अलैहिस्सलाम की ज़िंदगी हक़ और इंसानियत की सेवा के लिए समर्पित रही है, हमें उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। इस दौरान मौलाना शाजान ज़ैदी ने मुख्य अतिथि को अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया । साथ ही मौलाना शाजान ज़ैदी ने नज़र करके मुल्क की अमन, सलामती, भाईचारे और तरक्की के लिए ख़ास दुआ कराई, मौलाना अम्बर अब्बास खान ने नमाज़ अदा कराई ।
महफ़िल में नामचीन शायरों ने अपने कलाम से बारगाहे-इमाम में नज़राना-ए-अक़ीदत पेश कर महफ़िल में चार चांद लगा दिए। शायर काज़िम जार्चवी, सकलैन मुंबई, सागर बनारसी, वसीम खुर्रम, शम्स तबरेज़, फ़ाज़िल जरेली और कमाल वारसी के कलाम पर लोग देर तक मुग्ध नज़र आए और नारे-ए-हैदरी की सदाएं गूंजती रहीं । संचालन ज़ाहिद कानपुरी एवं फ़ैज़ी जौनपुरी ने किया ।
इस मौके पर मौलाना अहमद हसन, मौलाना आगा मोहसिन, मौलाना दिलशाद खान, मौलाना शुजा रिज़वी, मौलाना सैय्यद मोहम्मद अब्बास रिज़वी , समाजसेवी आज़म अब्बास, सभासद गप्पू मौर्या, नौशाद हुसैन , अली मंज़र , संजय , रिज़वान , अरशद सोनू , दिलदार , चुनमुन भाई सहित बड़ी संख्या में उलेमा, अंजुमनों के जिम्मेदार, सामाजिक कार्यकर्ता तथा शहर के सम्मानित लोग मौजूद रहे ।