यूजीसी का नया कानून समाज के लिए घातक, 'धर्म रक्षा आंदोलन' ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

 

जौनपुर। यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए कानून "प्रमोशन फॉर इक्विटी इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस 2026" के विरोध में शनिवार को धर्म रक्षा आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इस कानून को भेदभावपूर्ण और सामाजिक समरसता के लिए खतरा बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। 

ज्ञापन सौंपने के उपरांत पत्रकारों से वार्ता करते हुए संगठन के संयोजक चंद्रमणि पाण्डेय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कानून देश और समाज के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगा। यह कानून जाति के आधार पर संस्थानों को एकपक्षीय और असीमित अधिकार देता है, जिसका दुरुपयोग सामान्य वर्ग के छात्रों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। इस कानून की सबसे बड़ी खामी यह है कि आरोप लगाने वाले को अपना अपराध सिद्ध करने के लिए सामने आने की आवश्यकता नहीं है, और झूठा आरोप सिद्ध होने पर भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है। यह कानून भारतीय संविधान की उस मूल भावना का उल्लंघन करता है जो हर नागरिक को 'समान अवसर' का अधिकार देती है। शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के प्रावधानों से छात्रों के बीच आपसी वैमनस्य और जातिवादी संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर कानूनी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से योगेश द्विवेदी (एडवोकेट), विकास पाण्डेय (एडवोकेट), विपिन पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रजापति (एडवोकेट), गिरिजेश दुबे (एडवोकेट), सूर्य भूषण त्रिपाठी (एडवोकेट), सत्य प्रकाश पाण्डेय (एडवोकेट), सत्य प्रकाश दुबे (एडवोकेट), उदय प्रताप सिंह (एडवोकेट) और छोटेलाल यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Related

JAUNPUR 5066110999972388346

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item